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पादूकलां हाईवे जाम प्रकरण में सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई लोगों पर मामला दर्ज

पादूकलां हाईवे जाम प्रकरण में सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई लोगों पर मामला दर्ज

नागौर जिले के पादूकलां में करीब पांच महीने पहले हुए हाईवे जाम प्रकरण में आखिरकार पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में पुलिस ने सांसद हनुमान बेनीवाल सहित कई नेताओं और समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह प्रकरण राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला 13 जनवरी 2026 को रियाबड़ी क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक सभा से जुड़ा हुआ है। उस दिन आयोजित कार्यक्रम में कई राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया था। सभा के दौरान विभिन्न वक्ताओं द्वारा आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करने की बात कही गई थी। आरोप है कि सभा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक और वाहन एक संगठित काफिले के रूप में पादूकलां तिराहे की ओर रवाना हुए और बाद में नेशनल हाईवे-58 पर पहुंच गए।

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के मुताबिक आंदोलनकारी वाहनों का काफिला हाईवे पर धीमी गति से आगे बढ़ता रहा, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने लगी। प्रशासन का कहना है कि इस दौरान सड़क पर सामान्य यातायात की गति काफी धीमी हो गई और कई स्थानों पर वाहन लंबी कतारों में फंस गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारू रखने के लिए दिए गए निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया।

मामले से संबंधित रोजनामचा रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किए गए प्रकरण में कहा गया है कि लगभग 150 वाहनों का काफिला हाईवे पर मौजूद था, जबकि आंदोलन में 200 से 250 लोगों की सक्रिय भागीदारी बताई गई है। इतने बड़े समूह के एक साथ हाईवे पर पहुंचने और लंबे समय तक मौजूद रहने के कारण यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। पुलिस का दावा है कि इस दौरान कई घंटों तक एक तरफा यातायात प्रभावित रहा और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी बाधाएं उत्पन्न हुईं। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा दैनिक यात्रा करने वाले नागरिकों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। पुलिस के अनुसार पादूकलां से लेकर थावला स्थित बाड़ी घाटी टोल प्लाजा तक लगभग 28 किलोमीटर के मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

पुलिस उप-अधीक्षक डेगाना के निर्देश पर इस मामले में विधिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। संबंधित अधिकारियों ने रोजनामचा रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद प्रकरण दर्ज करने का निर्णय लिया। इसके बाद पादूकलां थाने में आवश्यक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दर्ज प्रकरण में सांसद हनुमान बेनीवाल के अलावा डॉ. श्रवण चौधरी, महेंद्र चौधरी तथा अन्य नेताओं और समर्थकों के नाम भी शामिल किए गए हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अभी विस्तृत जांच पूरी नहीं की गई है और मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, फोटो, प्रशासनिक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।

पुलिस उप-अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को मामले की विस्तृत जांच कर निर्धारित समय में पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी तथ्यों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा।

इस पूरे मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक सीताराम को सौंपी गई है। जांच अधिकारी अब उस दिन की घटनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आंदोलन और काफिले के कारण वास्तव में किस स्तर तक यातायात प्रभावित हुआ तथा प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना के आरोप कितने सही हैं।

पांच महीने बाद दर्ज हुए इस प्रकरण ने एक बार फिर राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई उपलब्ध रिकॉर्ड और रिपोर्ट के आधार पर की गई है तथा जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस बहुचर्चित हाईवे जाम प्रकरण में आगे क्या कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं।

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