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पुलिस मुख्यालय बैठक में जातिगत टिप्पणी, ASP नीतू बुगालिया पर केस

पुलिस मुख्यालय बैठक में जातिगत टिप्पणी, ASP नीतू बुगालिया पर केस

राजस्थान पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक आधिकारिक बैठक के दौरान कथित तौर पर जातिगत टिप्पणी करने के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू बुगालिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह केस पुलिस दूरसंचार निदेशक दौलतराम अटल की शिकायत के आधार पर जयपुर के ज्योति नगर थाना  में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना 5 मार्च को राजस्थान पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान हुई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुई थी बैठक

जानकारी के अनुसार राजस्थान पुलिस मुख्यालय में 5 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। यह बैठक शाम करीब 4:30 बजे आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता एडीजी (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं) वीके सिंह  कर रहे थे। बैठक में अजमेर और उदयपुर रेंज के सात जिलों में संचार व्यवस्था के उन्नयन को लेकर चर्चा की जा रही थी। इस बैठक में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों में डॉ. हेमराज मीणा, राकेश कुमार ढाका, मदनलाल, नीतू बुगालिया, प्रवीण सेन और अवनीश सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

प्रेजेंटेशन के दौरान हुआ विवाद

शिकायत के अनुसार बैठक के दौरान पुलिस दूरसंचार निदेशक दौलतराम अटल संचार व्यवस्था से संबंधित विषय पर प्रेजेंटेशन दे रहे थे। इसी दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू बुगालिया ने उन्हें बीच में टोक दिया। दौलतराम अटल का आरोप है कि प्रेजेंटेशन के दौरान बार-बार टोकने के कारण उन्हें प्रस्तुति देने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि इसी दौरान नीतू बुगालिया ने उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी की। शिकायत में कहा गया है कि कथित तौर पर नीतू बुगालिया ने यह टिप्पणी की कि “आप आरक्षण से बने हुए डायरेक्टर हैं।” इस कथित टिप्पणी को शिकायतकर्ता ने अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया है।

एडीजी ने स्थिति संभालने की कोशिश की

शिकायत के अनुसार बैठक के दौरान जब स्थिति बिगड़ने लगी तो बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीजी वी.के. सिंह ने हस्तक्षेप किया। बताया गया है कि एडीजी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू बुगालिया को बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा ताकि बैठक का माहौल सामान्य हो सके और चर्चा आगे बढ़ सके। हालांकि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाहर जाने के दौरान भी नीतू बुगालिया ने सार्वजनिक रूप से जातिगत टिप्पणी करते हुए शिकायतकर्ता का अपमान किया।

एफआईआर दर्ज कराने पर दी चुनौती

दौलतराम अटल ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि जब उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही तो नीतू बुगालिया ने कथित तौर पर चुनौतीपूर्ण प्रतिक्रिया दी। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

ज्योति नगर थाने में दर्ज हुआ मामला

इस पूरे मामले को लेकर जयपुर के ज्योति नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी संतरा मीणा  ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा

राजस्थान पुलिस मुख्यालय में हुई इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के बीच आयोजित बैठक में इस तरह के विवाद के सामने आने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी अधिकारी की ओर से अनुचित व्यवहार किया गया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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