राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 11 फरवरी को पेश किए गए अपने बजट में शिक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी। लंबे बजट भाषण में उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें टैबलेट और लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता, जरूरतमंद छात्राओं को मुफ्त साइकिल और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म देने जैसे फैसले शामिल हैं। इन घोषणाओं का उद्देश्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना और उच्च शिक्षा की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना बताया गया है।
मेधावी छात्रों को टैबलेट और लैपटॉप के लिए 20,000 रुपये
दिया कुमारी ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार स्कूली छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए नई योजना शुरू करेगी। इस योजना के तहत 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में चयनित मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए 20,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहायता सभी छात्रों को नहीं मिलेगी, बल्कि केवल चयनित मेधावी विद्यार्थियों को दी जाएगी। यानी इसका लाभ योग्यता के आधार पर मिलेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता से छात्रों को ऑनलाइन संसाधनों, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी शिक्षा तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
ई-वाउचर के माध्यम से मिलेगी सहायता
इस योजना की खास बात यह है कि सहायता राशि नकद या सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं की जाएगी। इसके बजाय छात्रों को ई-वाउचर दिए जाएंगे। ये वाउचर इलेक्ट्रॉनिक होंगे और छात्र इनका उपयोग टैबलेट या लैपटॉप खरीदते समय कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और सुनिश्चित करना है कि दी गई राशि का उपयोग केवल शैक्षणिक उपकरण खरीदने में ही हो। 20,000 रुपये तक की कीमत का भुगतान इन वाउचरों के माध्यम से किया जा सकेगा।
9वीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल
बजट में छात्राओं के लिए भी एक अहम घोषणा की गई है। नि:शुल्क साइकिल योजना के तहत आगामी वित्त वर्ष में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए ई-वाउचर दिए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने में सुविधा देना है। कई क्षेत्रों में स्कूल दूर होने के कारण छात्राएं पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसे में साइकिल उपलब्ध होने से उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई जारी रखने की संभावना बढ़ेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ केवल जरूरतमंद छात्राओं को मिलेगा, जिसके लिए आर्थिक मानदंड तय किए जा सकते हैं। यहां भी साइकिल सीधे देने के बजाय ई-वाउचर के माध्यम से खरीदने की व्यवस्था होगी।
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म
शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक और बड़ी घोषणा कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए की गई है। दिया कुमारी ने कहा कि पहली से आठवीं कक्षा तक के 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म प्रदान की जाएगी। इस योजना पर लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। यूनिफॉर्म के लिए राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे अभिभावकों को सीधे आर्थिक सहायता मिलेगी और वे बच्चों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे।
तकनीकी और उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
दिया कुमारी ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करना और उच्च शिक्षा के विस्तार को गति देना है। टैबलेट और लैपटॉप जैसी डिजिटल सुविधाएं छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ेंगी। वहीं साइकिल और यूनिफॉर्म जैसी योजनाएं शिक्षा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी। सरकार का दावा है कि इन कदमों से विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति दर में सुधार होगा और पढ़ाई छोड़ने की दर में कमी आएगी।


