केंद्रीय करों में राजस्थान की बढ़ी हुई हिस्सेदारी
इस बजट में राजस्थान को केंद्रीय करों में से 85,716 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10,000 करोड़ रुपये अधिक है। यह वृद्धि राज्य के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगी।
कृषि क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान
किसानों के सशक्तिकरण के लिए बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे राजस्थान के लाखों किसानों को लाभ होगा, क्योंकि वे अब अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए एक छह वर्षीय मिशन की घोषणा की गई है, जिसमें तुअर, उड़द और मसूर दालों के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजस्थान में मसूर और उड़द का व्यापक उत्पादन होता है, जिससे राज्य के दाल उत्पादक किसानों को इस मिशन का सीधा लाभ मिलेगा।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ऋण सीमा में वृद्धि
पीएम स्व-निधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ऋण की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। इससे राजस्थान के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालांकि, बजट में की गई घोषणाओं के बावजूद, विपक्ष ने राजस्थान के लिए कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बजट में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं देने और यमुना जल समझौते पर कोई घोषणा नहीं होने पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने बजट को राजस्थान के साथ भेदभावपूर्ण बताया है।


