शोभना शर्मा। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने जहां प्रमोद जैन भाया को पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर बढ़त बना ली है, वहीं अब भाजपा भी प्रत्याशी चयन की अंतिम प्रक्रिया में जुट गई है।
पार्टी में टिकट को लेकर जारी मंथन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें अंता से संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक वसुंधरा राजे के जयपुर स्थित 13 सिविल लाइंस आवास पर हुई।
राजे के आवास पर हुई अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ के बीच मुख्यमंत्री निवास पर प्रारंभिक मंत्रणा हुई थी। इसके बाद दोनों नेता वसुंधरा राजे से मिलने उनके आवास पहुंचे। गौरतलब है कि बारां-झालावाड़ संसदीय सीट से दुष्यंत सिंह (राजे के पुत्र) सांसद हैं, जबकि झालारापाटन विधानसभा सीट से स्वयं वसुंधरा राजे विधायक हैं। ऐसे में, अंता उपचुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर राजे की राय निर्णायक मानी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि अंता सीट पर प्रत्याशी चयन में राजे की सक्रियता और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सहमति दोनों को बराबर महत्व दिया जा रहा है। भाजपा की कोर कमेटी की बैठक जल्द होने वाली है, जिसमें नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “अगले दो से तीन दिनों में प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी।”
ये नाम चर्चा में सबसे आगे
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा के अंदर अंता से छह से अधिक नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें स्थानीय कार्यकर्ताओं और वसुंधरा समर्थक नेताओं दोनों को शामिल किया गया है। मुख्य नाम इस प्रकार हैं:
पूर्व जिला प्रमुख नंद लाल सुमन
अंता की प्रधान मोरपाल
पूर्व प्रधान प्रखर कौशल
पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद गर्ग
वरिष्ठ कार्यकर्ता रामेश्वर खंडेलवाल
नेता विष्णु गौतम
पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अंता से पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की पत्नी भगवती देवी को टिकट देने की इच्छुक हैं। उनका मानना है कि इस बार स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश जाए।
माली और मीणा समाज के वोट अहम
अंता विधानसभा सीट पर सामाजिक समीकरण भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। यहां मीणा समाज के करीब 35,000 वोट और माली समाज के लगभग 45,000 वोट निर्णायक माने जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि माली समाज से आने वाले मोरपाल, जो राजे समर्थक माने जाते हैं, का नाम भी गंभीरता से विचाराधीन है। वहीं, मीणा समाज के वोट बैंक को साधने के लिए भगवती देवी के नाम पर भी सहमति बन सकती है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि भाजपा इस बार किसी “बाहरी उम्मीदवार” की बजाय अंता के स्थानीय चेहरे पर दांव लगाने के पक्ष में है। पिछले चुनावों में बाहरी प्रत्याशी देने से पार्टी को अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ा था।
राजे और सैनी के बीच बदले समीकरण
वसुंधरा राजे के शासनकाल में प्रभु लाल सैनी अंता से विधायक चुने गए थे और 2013 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। उस समय सैनी राजे के बेहद करीबी माने जाते थे, लेकिन अब समीकरण बदल चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में राजे सैनी के नाम पर सहमत नहीं हैं, इसलिए उनका टिकट मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
भाजपा के सामने दोहरी चुनौती
अंता उपचुनाव में भाजपा के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली चुनौती है कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया, जो अंता में मजबूत संगठनात्मक पकड़ और लोकप्रियता रखते हैं। दूसरी चुनौती है नरेश मीणा, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर चुके हैं।
राजनीतिक समीकरण बताते हैं कि मीणा समाज के 35,000 वोट यदि नरेश मीणा के पक्ष में गए, तो भाजपा के लिए मुकाबला कठिन हो सकता है। इसलिए पार्टी प्रत्याशी चयन में जातीय और स्थानीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
जल्द होगा प्रत्याशी पर फैसला
भाजपा की कोर कमेटी की बैठक अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है, जिसमें रायशुमारी के आधार पर तीन नामों का पैनल दिल्ली हाईकमान को भेजा जाएगा। अंता उपचुनाव के लिए भाजपा ने सांसद दामोदर अग्रवाल को प्रभारी बनाया है, जो स्थानीय स्तर पर संगठन की फीडबैक जुटा रहे हैं। अंतिम निर्णय दिल्ली से होगा, लेकिन भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे और मदन राठौड़ की सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी।
कांग्रेस ने बढ़त बना ली
दूसरी ओर, कांग्रेस ने पहले ही प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जताकर भाजपा से बढ़त बना ली है। भाया अंता में मजबूत नेटवर्क और वर्षों से स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। वहीं नरेश मीणा के निर्दलीय उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है। अंता उपचुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। भाजपा के लिए यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि वसुंधरा राजे बनाम संगठन की ताकत का भी परीक्षण साबित हो सकता है।


