शोभना शर्मा। राजस्थान में बम धमकी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और इसी कड़ी में सोमवार सुबह कोटा में बड़ा सुरक्षा संकट उत्पन्न हो गया। कोटा कलक्टर की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल आने के बाद पूरे कलक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ईमेल में दावा किया गया कि परिसर में बम लगाया गया है जिसे किसी भी समय विस्फोटित किया जाएगा। इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और पूरे प्रशासनिक भवन को तत्काल खाली करा दिया गया।
सेना, पुलिस और बम निरोधक दस्ता सर्च में जुटा
धमकी की सूचना के बाद कोटा पुलिस, सेना के जवान, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। परिसर की बैरिकेडिंग की गई और सभी कर्मचारियों व आम लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। इसके बाद चप्पे-चप्पे की जांच शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी प्रकार का विस्फोटक, संदिग्ध डिवाइस या अन्य सामग्री नहीं मिली है, लेकिन एहतियातन सर्च अभियान जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का इलाका भी सील कर दिया गया।
इस महीने चौथी बार बम धमकी
धमकी का यह मामला राज्य में बढ़ते साइबर-आधारित अपराधों पर गंभीर चिंता खड़ी करता है। दिसंबर महीने में यह चौथी बम धमकी है, जो प्रशासन को लगातार सतर्क मोड पर रखे हुए है।
● 3 दिसंबर — जयपुर कलक्ट्रेट को धमकी
● 4 दिसंबर — अजमेर कलक्ट्रेट और गरीब नवाज की दरगाह को धमकी
● 5 दिसंबर — राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
इन सभी मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी ली थी, लेकिन विस्फोटक नहीं मिले।
गृह विभाग ने बताया ईमेल का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
धमकी के मामलों पर गृह विभाग ने बयान जारी किया है। विभाग के अनुसार ये ई-मेल ऐसे वीपीएन के माध्यम से भेजे गए जो उन देशों से जुड़े हैं जिनके साथ भारत की कानूनी संधि या साइबर सहयोग समझौते नहीं हैं। इस कारण ईमेल के मूल स्रोत तक पहुंच पाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो रहा है। केंद्र सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी समाधान के प्रयास कर रही हैं।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
कोटा में सुरक्षा एजेंसियां जांच को अत्यधिक गंभीरता से ले रही हैं। परिसर की पूरी तलाशी के साथ मेल ट्रेसिंग और साइबर एनालिसिस भी जारी है। इस मामले में फिलहाल आतंकवादी या किसी अन्य संगठित नेटवर्क की संलिप्ता से भी इंकार नहीं किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखें।


