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अंता उपचुनाव: डोटासरा का निशाना, बीजेपी का दांव उल्टा पड़ा

अंता उपचुनाव: डोटासरा का निशाना, बीजेपी का दांव उल्टा पड़ा

मनीषा शर्मा। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और उसके चुनावी प्रबंधन पर करारा हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि अंता का उपचुनाव 2028 के लिए एक प्री-टेस्ट था, जिसमें जनता ने यह साफ कर दिया कि झूठ और प्रचार की राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गुजरात के कारोबारी और ठेकेदारों का गहरा प्रभाव था, जो यहां बड़े पैमाने पर काम कर रहे थे। डोटासरा ने कहा कि जनता सब समझती है और उसने यह तय कर दिया है कि केवल वादों और झूठे दावों से चुनाव नहीं जीते जाते, बल्कि जमीनी काम से जनता का विश्वास बनाया जाता है।

“कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार की नाकामी का नतीजा है जीत”

गोविंद डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस की जीत संगठन, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव में धनबल का व्यापक इस्तेमाल हुआ और पूरी मशीनरी बीजेपी के समर्थन में झुकी नजर आई, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने धैर्य रखा और जनता का विश्वास कायम रखा।

उन्होंने मीडिया की पारदर्शी भूमिका की भी सराहना की और कहा कि मीडिया ने गांवों और बूथ स्तर तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति जनता तक पहुंचाई, जिससे किसी तरह की गलतफहमी या भ्रम पैदा नहीं हुआ।

“एक निर्दलीय ने इन्हें पीट दिया, इससे बुरा हाल क्या होगा” — डोटासरा का व्यंग्य

नरेश मीणा का सीधे नाम लिए बिना डोटासरा ने बीजेपी पर सीधा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से एक निर्दलीय उम्मीदवार ने बीजेपी को पछाड़ा, वह अपने आप में बहुत कुछ कह जाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर न केवल जनसंपर्क किया, बल्कि अंता की जनता से संवाद बनाया। कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर पूरी ताकत से काम किया।

डोटासरा ने कहा कि असली फैसला जनता के हाथ में था और जनता ने यह दिखा दिया कि वह किसके साथ है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने अंता उपचुनाव को लेकर जितनी रणनीति बनाई थी, वह जनता के फैसले से बिखर गई।

डोटासरा का बड़ा दावा— “हमारी जीत 25 हजार वोटों से होती”

प्रेस वार्ता के दौरान पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रमोद जैन भाया को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने साजिशन एक डमी कैंडिडेट उतारा, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव में पैसे और सरकारी सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया। डोटासरा ने कहा,
“अगर धनबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं होता, तो हमारी जीत 25 हजार वोटों से होती।”

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की जीत यह संकेत देती है कि जनता आने वाले चुनावों में प्रचार, दुष्प्रचार और भ्रम की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की टीम एक-एक बूथ पर मजबूती से उतरी और इसी रणनीति से कांग्रेस ने बढ़त बनाई।

बीजेपी पर निशाना— “डमी कैंडिडेट लाकर खुद को नुकसान पहुंचाया”

गोविंद डोटासरा ने कहा कि बीजेपी ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। उनका कहना था कि बीजेपी ने प्रमोद जैन भाया को घेरने के लिए निर्दलीय को बढ़ावा देकर एक गलत दांव खेला।

उन्होंने कहा कि अंता की जनता ने यह साबित किया है कि राजनीतिक चालें और योजनाबद्ध प्रचार जमीन पर तभी सफल होते हैं जब जनता आपको स्वीकार करे। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे जनता की जीत बताया और कहा कि यह नतीजा आने वाले चुनावों का संकेत है।

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