मनीषा शर्मा। दौसा जिले के बसवा क्षेत्र में चल रही विकास रथ यात्रा के दौरान बांदीकुई से भाजपा विधायक भागचंद टांकडा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सबडावली गांव में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मंच के पास मौजूद एक व्यक्ति ने विकास कार्य करवाने की बात कहते हुए विधायक का हाथ पकड़ने की कोशिश की। इस घटना से नाराज होकर विधायक टांकडा ने मंच से ही कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों पर बातचीत का तरीका होता है, लेकिन हाथ पकड़कर दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, मौके पर मौजूद बसवा थाना पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया।
कार्यक्रम के दौरान बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, विकास रथ यात्रा के तहत सबडावली गांव में जैसे ही विधायक भागचंद टांकडा अपना संबोधन शुरू करने वाले थे, तभी एक ग्रामीण आगे बढ़कर उनसे विकास कार्य करवाने की जिद करने लगा। इस दौरान उसने कथित रूप से विधायक का हाथ पकड़ने का प्रयास किया, जिससे स्थिति असहज हो गई। विधायक ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मंच से ही अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर बात सम्मानपूर्वक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग रखना अलग बात है, लेकिन हाथ पकड़कर दबाव बनाना गलत परंपरा है।
“मैं किसी से दबने वाला नहीं” — टांकडा
अपने संबोधन में विधायक टांकडा ने कहा, “यदि कोई जाति विशेष यह समझे कि उसकी संख्या ज्यादा है और वह मुझे दबाव में ले आएगा, तो यह गलतफहमी दूर कर ले। मुझे कहते हैं भागचंद टांकडा। अगर किसी को चश्मे चढ़ रहे हैं तो चश्मे उतार ले, बदल ले। मैं किसी से दबने वाला व्यक्ति नहीं हूं। कोई हाथ पकड़कर काम कराने की बात करेगा तो यह तरीका सही नहीं है। यदि कोई हाथ पकड़कर खींचेगा तो मैं उसे टेंटवा पकड़कर बाहर कर दूंगा। मैं भी इसी विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला हूं और लोगों के स्वाभिमान की तरह मेरा भी स्वाभिमान है।” विधायक के इन शब्दों ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनके बयान पर समर्थकों के साथ-साथ विपक्षी खेमों में भी चर्चाएं तेज हो गईं।
काम बताइए, दबाव मत बनाइए: विधायक
विधायक ने आगे कहा कि जनता अपने काम और समस्याएं बताए, वे हर जायज काम को प्राथमिकता के साथ करवाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “आपके दो काम हों, पांच काम हों—आप बताइए। जो काम नियमों के अनुसार होंगे, वे जरूर होंगे। लेकिन इस तरह हाथ पकड़कर या दबाव बनाकर बात करना ठीक नहीं है। यदि कोई इस तरह का व्यवहार करेगा, तो मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत से जुड़े एक विवादित मुद्दे में उन्होंने दोनों पक्षों को बैठाकर सहमति बनाने का प्रयास किया था। विधायक ने कहा कि उनकी भूमिका विवाद बढ़ाने की नहीं, बल्कि समाधान निकालने की है।
“दो साल मेरा काम देखो, तुलना खुद हो जाएगी”
अपने भाषण में टांकडा ने पिछले दो वर्षों के कामों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी को चर्चा या तुलना करनी है, तो पिछले जनप्रतिनिधियों के पांच साल और उनके दो साल के काम को सामने रखकर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “मैं जनता के लिए काम करने आया हूं। विकास कार्यों के लिए दिन-रात प्रयास कर रहा हूं। आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन गलत तरीके से दबाव बनाना स्वीकार नहीं।”
पुलिस ने किया हस्तक्षेप, मामला शांत
घटना के तुरंत बाद बसवा थाना पुलिस ने मंच के सामने खड़े संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया। इससे कार्यक्रम का माहौल सामान्य हो गया और विकास रथ यात्रा आगे बढ़ सकी। पुलिस के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सोशल मीडिया पर तेज हुई राजनीतिक बहस
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक टिप्पणियों की बौछार शुरू हो गई। कुछ लोग इसे विधायक के सख्त प्रशासनिक रवैये के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर विपक्षी नेता इसे जनप्रतिनिधियों के बढ़ते अहंकार का उदाहरण बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रथ यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं अक्सर जन-प्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद की कमी को उजागर करती हैं। हालांकि, साथ ही यह भी सच है कि सुरक्षा और गरिमा बनाए रखना भी सार्वजनिक प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
विकास रथ यात्रा का उद्देश्य
उल्लेखनीय है कि विकास रथ यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं को सुनना है। विभिन्न गांवों में जनसभाएं आयोजित कर योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और आगे के विकास एजेंडे पर चर्चा की जा रही है। सबडावली की यह घटना यात्रा के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय बन गई और लोगों के बीच इस सवाल पर बहस छिड़ गई कि जनता अपनी मांग कैसे रखे और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया कैसी होनी चाहिए।
आगे क्या?
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और विधायक टांकडा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्यों में सहयोग करेंगे, लेकिन अनुशासनहीनता या दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


