मनीषा शर्मा। अजमेर में आयोजित श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर योजना के एक कार्यक्रम में भाजपा विधायक अनिता भदेल का तीखा संबोधन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। उन्होंने न केवल सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए, बल्कि मंच पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के सामने ही कहा कि पूरा सिस्टम जंग खा गया है और सरकारी विभागों में धक्का मारे बिना कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि नेताओं को हर स्तर पर जूझना पड़ता है, तभी किसी कार्य की गति बढ़ती है।
उनके बोलते समय विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री आपस में चर्चा करने लगे, जिस पर भदेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि देवनानी जी आप तो बात कर ही लेंगे, मंत्री जी भी आपके पास आएंगे, लेकिन मंत्री महोदय हमारी कभी-कभी ही सुनते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर आप लोग बात करना चाहते हैं तो हम चले जाते हैं, आप ही बातचीत कर लीजिए। भदेल ने कहा कि वह मंच पर इसलिए आई हैं ताकि मंत्री उनकी बात सुनें, और अध्यक्ष भी मुद्दों को समझें क्योंकि उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
पोस्टर विवाद से गरमाया माहौल
कार्यक्रम में विवाद उस समय शुरू हुआ जब मंच पर लगे पोस्टर में अजमेर दक्षिण से विधायक अनिता भदेल की फोटो नहीं थी। यह देखकर उनके कार्यकर्ता नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए और एडीए अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने बात नहीं मानी। बाद में जब विधायक मौके पर पहुंचीं, कार्यकर्ताओं ने उनसे आग्रह किया कि वे कार्यक्रम में हिस्सा न लें।
विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि क्या वे प्रोटोकॉल में नहीं आतीं? उन्होंने कहा कि यदि उनके कार्यकर्ता कार्यक्रम में नहीं रहेंगे तो उनके लिए मंच पर बैठना उचित नहीं है, क्योंकि वह अपने कार्यकर्ताओं के भरोसे ही यहां पहुंची हैं। बाद में उपायुक्त और अन्य अधिकारियों से चर्चा के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ा।
स्कीम पर काम और सिस्टम पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन में भदेल ने बताया कि इस पूरी योजना के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। शुरुआत में जानकारी मिली कि पूरी जमीन अजमेर विकास प्राधिकरण की है, जिसके बाद स्कीम बनाने की पहल की गई। एडीए ने उनसे योजना का नाम सुझाने के लिए पूछा और उन्होंने संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर यह योजना रखने का प्रस्ताव दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। योजना में 288 प्लॉट शामिल हैं।
भदेल ने कहा कि सरकारी सिस्टम में इतनी जंग लग गई है कि अधिकारी धक्का दिए बिना कोई काम आगे नहीं बढ़ाते। उनके अनुसार, एडीए में भी यही स्थिति है और हर काम के लिए बार-बार प्रयास करना पड़ता है। उन्होंने डेयरी बूथ की आड़ में हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सड़क पर लोगों के चलने तक की जगह नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बूथ बांटे गए।
मंत्री से अधिकारियों की नियुक्ति की मांग
भदेल ने अपने संबोधन में मंत्री झाबर सिंह खर्रा से निवेदन किया कि उनके मंत्रालय में कार्य की काफी संभावनाएं हैं और कुछ अच्छे अधिकारियों को इस विभाग में नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह यह बात पहले भी मंत्री के कान में कह चुकी हैं और दोबारा निजी तौर पर बताने के लिए तैयार हैं।
विधानसभा अध्यक्ष का जवाब और अपील
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने एडीए द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पहले आग्रह करना पड़ता था और अब करोड़ रुपये से नीचे की बात नहीं होती। उन्होंने कहा कि योजना से जनता को लाभ मिलेगा, लेकिन इसे समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाना जरूरी है। देवनानी ने अतिक्रमण पर भी स्पष्ट कहा कि यह पूरे राजस्थान की समस्या है और कानून के आधार पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
स्कीम की मुख्य विशेषताएं
श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर योजना में कुल 202 भूखंड शामिल किए गए हैं। इनमें 132 ईडब्ल्यूएस प्लॉट 45-45 वर्गमीटर के हैं, जबकि 70 प्लॉट अल्प आय वर्ग के लिए 75-75 वर्गमीटर आकार में निर्धारित किए गए हैं। इन प्लॉट्स की कीमत 8 लाख 82 हजार रुपये तय की गई है।
ऑनलाइन आवेदन http://ada.rajasthan.gov.in पर एक हजार रुपये शुल्क के साथ 31 दिसंबर तक किए जा सकेंगे।
14 जनवरी 2025 को लॉटरी निकाली जाएगी।
योजना के लिए कुल 101706.06 वर्गमीटर जमीन चिह्नित की गई है, जिसमें आवासीय, कॉमर्शियल, स्कूल, मंदिर, प्ले स्कूल, ग्रीन एरिया, सड़क और भविष्य की प्लानिंग के लिए अलग-अलग हिस्से आरक्षित हैं।


