मनीषा शर्मा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश कार्यकारिणी की पहली महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई। यह बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि यह मदन राठौड़ के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आयोजित की गई कार्यकारिणी बैठक थी। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। सत्ता और संगठन के तालमेल को मजबूत करते हुए राज्य के विकास का रोडमैप तैयार करने पर व्यापक चर्चा की गई।
राजस्थान में दिसंबर महीने के अंत तक भजनलाल शर्मा सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने की योजना पर विस्तार से मंथन किया। पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जनता से संपर्क के विशेष अभियान चलाएं और सरकार द्वारा किए गए कामों को विश्वसनीय तरीके से लोगों तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचना बेहद जरूरी है ताकि सही संदेश समाज में जा सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपने अनुभव साझा किए। नेताओं ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना आने वाले समय में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होगा। सभी पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहकर संगठन को सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए।
27 नवंबर को बनी नई कार्यकारिणी
हाल ही में 27 नवंबर को भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हुआ था। नई टीम में 9 प्रदेश उपाध्यक्ष, 4 प्रदेश महामंत्री, 7 प्रदेश मंत्री, 7 प्रवक्ता सहित ऑफिस सेक्रेटरी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी टीम प्रभारी और मीडिया प्रभारी जैसे अहम पद शामिल किए गए हैं। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली औपचारिक बड़ी बैठक थी, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई।
शाम तक चली अलग-अलग बैठकें
कार्यकारिणी बैठक के बाद सोशल मीडिया टीम के संबंध में भी अलग बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के दुर्गापुरा में पार्टी के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से मुलाकात की और उन्हें प्रभावी डिजिटल कैम्पेन के निर्देश दिए। इसके बाद शाम 4:30 बजे तक मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायकों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी रहा, जहां सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।


