latest-newsटोंकराजस्थान

बीसलपुर बांध का रिकॉर्ड टूटा: 57 दिन से खुले गेट

बीसलपुर बांध का रिकॉर्ड टूटा: 57 दिन से खुले गेट

मनीषा शर्मा। राजस्थान के लिए जीवनदायिनी माने जाने वाले बीसलपुर बांध ने इस साल एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार यह बांध जुलाई माह में ही छलक गया, जबकि इससे पहले आमतौर पर अगस्त या सितंबर में यह स्थिति बनती थी। इससे न केवल प्रदेश के जलापूर्ति प्रबंधन को राहत मिली है बल्कि किसानों और आमजन के बीच भी खुशी का माहौल है।

इस बार लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट एरिया में पानी की आवक ने बांध को जुलाई में ही ओवरफ्लो करा दिया। इसके चलते गेट खोलने पड़े और पानी की निकासी शुरू करनी पड़ी।

लगातार 57 दिन से खुले गेट

बांध के गेट अब तक 57 दिनों से लगातार खुले हुए हैं। यह अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड है। वर्ष 2019 में बांध से सबसे लंबे समय तक यानी 63 दिन तक पानी की निकासी हुई थी। ऐसे में इस बार भी यह रिकॉर्ड टूटने की पूरी संभावना है। शुक्रवार को गेट संख्या 9 को एक मीटर तक खोलकर बनास नदी में प्रति सेकंड 6,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

बांध से निकलती जलधारा ने बनास नदी में फिर से रौनक ला दी है। नदी में बहते पानी से आसपास के इलाके के लोगों और किसानों में उत्साह है।

सबसे अधिक पानी की निकासी का रिकॉर्ड

बीसलपुर बांध से अब तक इस साल गुरुवार तक 115 टीएमसी (थाउज़ेंड मिलियन क्यूबिक फीट) पानी छोड़ा जा चुका है। यह आंकड़ा धीरे-धीरे 2016 के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा है। 2016 में सबसे अधिक 134.238 टीएमसी पानी की निकासी हुई थी। यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा तो इस बार यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

गेट खोलने का रिकॉर्ड अभी दूर

हालांकि, बांध से सबसे अधिक गेट खोलने का रिकॉर्ड इस बार नहीं बन पाया है। वर्ष 2019 में कुल 17 गेट खोले गए थे। इस बार केवल 8 गेट खोले गए हैं। जलभराव की स्थिति भी पहले जैसी नहीं रही।

त्रिवेणी का गेज, जो बांध के जलस्तर का महत्वपूर्ण संकेतक है, 2016 में 12 मीटर से अधिक तक पहुंच गया था। इस वर्ष यह अधिकतम कुछ घंटों के लिए 8 मीटर तक ही पहुंच पाया है। इसका सीधा असर गेट खोलने की संख्या और पानी की अधिकतम निकासी पर पड़ा।

प्रदेश की जलापूर्ति और सिंचाई को राहत

बीसलपुर बांध राजस्थान के टोंक, जयपुर और अजमेर जिलों सहित कई इलाकों की प्रमुख पेयजल आपूर्ति का स्रोत है। इसके अतिरिक्त बांध का पानी सिंचाई के लिए भी उपयोग होता है। बांध में पानी की अधिकता और निरंतर आवक से सरकार और जलापूर्ति विभाग को भविष्य की योजना बनाने में आसानी हो रही है।

लगातार खुले गेट और बहते पानी ने यह साबित कर दिया है कि इस बार मानसून ने प्रदेश को भरपूर पानी दिया है। ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर भी बेहतर हुआ है।

रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या बीसलपुर बांध इस बार 2019 का 63 दिन का रिकॉर्ड तोड़ पाएगा। अभी 57 दिन पूरे हो चुके हैं और यदि अगले सप्ताह तक गेट खुले रहते हैं तो यह उपलब्धि भी दर्ज हो जाएगी। साथ ही पानी की निकासी का नया रिकॉर्ड बनना भी तय माना जा रहा है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading