फाल्गुन माह के आते ही राजस्थान के खाटूश्यामजी में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर के लाखों श्रद्धालु हर वर्ष इस मेले में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, और भक्तों की इसी भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिमी रेलवे ने इस बार एक बड़ा फैसला किया है। रेलवे ने घोषणा की है कि 18 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात सहित कई राज्यों के भक्तों का सफर काफी आसान हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मेले के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात से आती है। इसलिए इस बार रेलवे ने इन सभी प्रमुख रूटों को ध्यान में रखते हुए विस्तार से ट्रेन संचालन की योजना तैयार की है। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनें ऐसे समय पर चलाई जाएंगी, जिससे devotees बिना किसी परेशानी के रींगस, फुलेरा, रेवाड़ी और जयपुर के रास्ते मेले तक पहुंच सकें।
दो चरणों में चलेगी ‘श्याम भक्त स्पेशल’ सेवाएं
उत्तर पश्चिमी रेलवे के डीसीएम डॉ. जगदीश कुमार ने बताया कि इस बार स्पेशल ट्रेनों को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण 18 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च तक चलेगा। इस अवधि में 8 विशेष ट्रेनें विभिन्न रूटों पर मेले के लिए संचालित होंगी।
दूसरा चरण 24 फरवरी से शुरू होकर 1 मार्च तक चलेगा। इस अवधि में भी 8 ट्रेनें चलाई जाएंगी। दोनों चरणों में कुल 16 ट्रेनें भक्तों को मेले तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध रहेंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों की संख्या भीड़ को देखते हुए पर्याप्त रखी गई है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त डिब्बे भी लगाए जा सकते हैं।
दिल्ली, हरियाणा और जयपुर से सीधे मेले तक पहुंच
रेलवे ने इस बार दिल्ली-जयपुर-हरियाणा रूट पर खास ध्यान दिया है। इस रूट से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हमेशा सबसे अधिक रहती है। इसलिए इनके लिए विस्तृत टाइम-टेबल जारी किया गया है। पहली स्पेशल ट्रेन कुरुक्षेत्र से फुलेरा के लिए संचालित होगी। यह रात 11:30 बजे कुरुक्षेत्र से रवाना होकर सुबह 8:30 बजे फुलेरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का संचालन हरियाणा और दिल्ली के भक्तों के लिए सबसे अधिक उपयोगी माना जा रहा है।
दूसरी ओर, मदार से रेवाड़ी के लिए चलने वाली ट्रेन सुबह 4:30 बजे मदार से चलेगी और लगभग 10:40 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यह ट्रेन न केवल राजस्थान बल्कि हरियाणा के उन यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होगी, जो सीधे रेवाड़ी के जरिए मेले तक पहुंचना चाहते हैं।
इसी के साथ, रेलवे ने जयपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला के लिए भी एक सीधी ट्रेन चलाई है। यह ट्रेन सुबह 11:35 बजे जयपुर से रवाना होगी और रींगस व नीमकाथाना होते हुए शाम 5 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस रूट पर आने वाले यात्रियों को मेले तक पहुंचने का सबसे बेहतर विकल्प यही ट्रेन माना जा रहा है।
गुजरात और सूरत के भक्तों के लिए भी राहत
हर वर्ष बड़ी संख्या में गुजरात के भक्त भी खाटूश्यामजी के फाल्गुन मेले में पहुंचते हैं। इस बार रेलवे ने उनके लिए भी एक महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराई है। यह ट्रेन हिसार से दोपहर 12:05 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे सूरत तथा वलसाड़ पहुंचेगी। इस ट्रेन का रूट अजमेर, नीमच और रतलाम होकर गुजरता है। गुजरात के भक्तों को इससे काफी सुविधा होगी, क्योंकि पिछले सालों में उन्हें अलग-अलग स्टेशनों से कनैक्टिंग ट्रेन पकड़नी पड़ती थी।
दूसरे चरण में फुलेरा–रेवाड़ी रूट पर विशेष फोकस
रेलवे के अनुसार, 24 फरवरी से 1 मार्च के बीच संचालित होने वाला दूसरा चरण फुलेरा से रेवाड़ी के रूट पर केंद्रित रहेगा। यह रूट लगातार भीड़भरा रहता है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु रींगस, श्रीमाधोपुर और नीमकाथाना के रास्ते मेले तक पहुंचते हैं। इस अवधि में रोजाना अलग-अलग समय पर ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी, जिनमें सुबह 8:00 बजे, दोपहर 1:15 बजे, रात 10:35 बजे और रात 2:30 बजे चलने वाली ट्रेनें प्रमुख हैं। रेलवे का मानना है कि लगातार चलने वाली इन सेवाओं से भीड़ नियंत्रण आसान होगा।
भीड़ बढ़ने पर तुरंत चलाई जाएंगी रिजर्व ट्रेनें
रेलवे प्रशासन ने यह भी बताया है कि मेले के दौरान किसी भी अप्रत्याशित भीड़ को संभालने के लिए दो अतिरिक्त ट्रेनें रिजर्व रखी गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तुरंत पटरी पर उतारा जा सकेगा। यह व्यवस्था खासतौर से उन दिनों के लिए है, जब मेले में सर्वाधिक भीड़ की संभावना रहती है। रेलवे का यह कदम न केवल भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित भी बनाएगा। इसके साथ ही मेले के दौरान प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, यात्री सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।


