मनीषा शर्मा। राजस्थान के जैसलमेर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है। ACB जोधपुर शहर की टीम ने रीको (RIICO) कार्यालय के एक अनुभाग अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जैसलमेर स्थित वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको कार्यालय से की गई, जिससे सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है। ACB की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ने औद्योगिक प्लॉट बहाल होने के बाद उस पर काम शुरू कराने और फाइल से जुड़े कागजात ऑनलाइन करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
प्लॉट निरस्तीकरण से जुड़ा है पूरा मामला
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ब्यूरो को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जैसलमेर के किशनघाट औद्योगिक क्षेत्र में उसकी भाभी के नाम आवंटित औद्योगिक प्लॉट को वर्ष 2024 में रीको द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस निरस्तीकरण के बाद पीड़ित पक्ष ने नियमानुसार अपील की, जिस पर रीको विभाग ने पुनः विचार करते हुए उक्त प्लॉट को बहाल कर दिया। हालांकि, प्लॉट बहाल होने के बावजूद समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। शिकायत के अनुसार, रीको कार्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी भवानी शंकर स्वामी ने प्लॉट पर कार्य शुरू कराने और उससे संबंधित पत्रावली में कागजात ऑनलाइन अपलोड करने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग शुरू कर दी। रिश्वत नहीं देने पर अधिकारी द्वारा बार-बार परेशान किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया।
शिकायत के बाद ACB ने किया सत्यापन
रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लिया। ACB की टीम ने सबसे पहले शिकायत का गोपनीय रूप से सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी द्वारा वास्तव में रिश्वत की मांग की जा रही है और बिना पैसे लिए काम आगे बढ़ाने से इनकार किया जा रहा है। शिकायत सही पाए जाने के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। पूरी रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को एसीबी के निर्देशानुसार आरोपी अधिकारी से संपर्क करने को कहा गया और तय राशि देने की व्यवस्था की गई।
रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी अनुभाग अधिकारी भवानी शंकर स्वामी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि ली, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई जैसलमेर में वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको कार्यालय परिसर में की गई, जहां आरोपी अधिकारी रिश्वत ले रहा था। ACB अधिकारियों ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ACB की सख्त चेतावनी, भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई के बाद ACB ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने कहा कि आम नागरिकों को परेशान करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी अपील की कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो लोग बिना डर ACB से संपर्क करें।
रीको और प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
रीको जैसे औद्योगिक विकास से जुड़े विभाग में इस तरह की गिरफ्तारी से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के दावे करने वाले विभाग में रिश्वत मांगने का मामला सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है। इस घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी जांच और आंतरिक समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।
आम लोगों के लिए अहम संदेश
जैसलमेर में हुई यह कार्रवाई आम लोगों के लिए एक अहम संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई संभव है। ACB की इस ट्रैप कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सही शिकायत और सबूत के आधार पर रिश्वतखोर अधिकारियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सकता है। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


