शोभना शर्मा। देश-विदेश में सबसे लोकप्रिय माने जाने वाले क्रिकेट फॉर्मेट इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के लिए मंगलवार को अबू धाबी में आयोजित मिनी ऑक्शन में राजस्थान के भरतपुर जिले के युवा क्रिकेटर कार्तिक शर्मा ने इतिहास रच दिया। महज 19 साल की उम्र में कार्तिक को चेन्नई सुपर किंग्स जैसी दिग्गज फ्रेंचाइजी ने 14.20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम में खरीदा। उनकी बेस प्राइस केवल 30 लाख रुपए थी, लेकिन ऑक्शन के दौरान बोली 47 गुना तक पहुंच गई, जिसने सभी को चौंका दिया।
CSK ने युवा खिलाड़ी पर लगाया बड़ा दांव
आईपीएल ऑक्शन में कार्तिक शर्मा को खरीदने के लिए कई फ्रेंचाइजियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंततः चेन्नई सुपर किंग्स ने सबसे ऊंची बोली लगाकर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को अपनी टीम में शामिल किया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि CSK का यह फैसला भविष्य की टीम तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। फ्रेंचाइजी पहले भी युवा प्रतिभाओं को तराशकर बड़े सितारे बनाने के लिए जानी जाती रही है।
आक्रामक बल्लेबाजी ने खींचा चयनकर्ताओं का ध्यान
ऑक्शन से पहले कार्तिक शर्मा ने कई आईपीएल टीमों के लिए ट्रायल दिए थे। इन ट्रायल्स के दौरान उनके आक्रामक लेकिन संतुलित खेल ने चयनकर्ताओं को खासा प्रभावित किया। फिनिशर की भूमिका में खेलने वाले कार्तिक ने अब तक खेले गए 11 टी-20 मुकाबलों में 27 छक्के जड़े हैं। उनका स्ट्राइक रेट 163 रहा है, जो छोटे फॉर्मेट में उन्हें बेहद खतरनाक बल्लेबाज बनाता है। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता को ही आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने बड़ी ताकत के रूप में देखा।
विकेटकीपिंग में भी कार्तिक की खास पहचान
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि विकेटकीपिंग में भी कार्तिक शर्मा की चुस्ती और फुर्ती उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। तेज रिफ्लेक्स, स्टंप के पीछे सतर्कता और रन आउट के मौके भुनाने की उनकी क्षमता टीम के लिए अतिरिक्त बोनस मानी जा रही है। यही वजह है कि CSK ने उन्हें एक ऑलराउंड पैकेज के रूप में देखा और इतनी बड़ी रकम खर्च करने में कोई हिचक नहीं दिखाई।
साधारण परिवार से निकलकर करोड़ों की बोली तक का सफर
जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुधन तिवारी के अनुसार, कार्तिक शर्मा भरतपुर जिले के ऊंचा नगला के पास स्थित एक गांव के निवासी हैं। कार्तिक के पिता ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाते हैं, जबकि उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कार्तिक ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिसका नतीजा आज पूरे प्रदेश के सामने है।
परिवार में शिक्षा और खेल का संतुलन
कार्तिक शर्मा के परिवार में शिक्षा और खेल दोनों को बराबर महत्व दिया गया। उनका एक भाई मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा भाई भी क्रिकेट में रुचि रखता है और प्रदेश स्तर पर खेल रहा है। यह दर्शाता है कि परिवार ने बच्चों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया।
रणजी ट्रॉफी से आईपीएल तक का सफर
कार्तिक शर्मा लगातार रणजी ट्रॉफी खेलते हुए अपने खेल को निखार रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में निरंतर अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। आईपीएल में चयन उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। अब आईपीएल जैसे बड़े मंच पर उनके प्रदर्शन पर न केवल भरतपुर, बल्कि पूरे राजस्थान और देश के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी होंगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने कार्तिक शर्मा
कार्तिक शर्मा की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। आईपीएल में उनकी एंट्री के साथ ही राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।


