latest-newsदेशभरतपुरभरतपुरराजस्थान

भरतपुर मोती महल विवाद: अनिरुद्ध सिंह ने दर्ज कराया मुकदमा

भरतपुर मोती महल विवाद: अनिरुद्ध सिंह ने दर्ज कराया मुकदमा

शोभना शर्मा। भरतपुर के ऐतिहासिक मोती महल को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात मोती महल परिसर में एक नई घटना ने पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। शनिवार की रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोगों ने मोती महल के पीछे स्थित सदर गेट को गाड़ी से तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया। इस घटना के सामने आने के बाद पूर्व राजपरिवार के सदस्य अनिरुद्ध सिंह ने कड़ा विरोध जताया और प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

अनिरुद्ध सिंह का बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मोती महल के गेट को तोड़ने की घटना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कृत्य से न केवल महल की ऐतिहासिक इमारत को नुकसान पहुंच सकता था, बल्कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की जान को भी खतरा हो सकता था। अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि इस वारदात के पीछे शामिल असामाजिक तत्वों के नाम उन्होंने पुलिस को सौंप दिए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद महल की कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है। इसीलिए सुरक्षा कारणों से महल परिसर में मौजूद सभी झंडों को हटवा दिया गया है। अनिरुद्ध सिंह का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर यह काम माहौल बिगाड़ने के लिए किया।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को भी बुलाकर वहां से साक्ष्य जुटाए गए। इस बीच अनिरुद्ध सिंह ने मथुरा गेट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें गाड़ी से गेट तोड़ने और जबरन प्रवेश करने वाले लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो

सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया, उसमें आरोपी गाड़ी से गेट तोड़ते हुए और हाथ में रियासतकालीन झंडा लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो में झंडा लगाया नहीं गया, लेकिन उसे हाथ में लहराने का दृश्य साफ देखा जा सकता है। गेट टूटने की आवाज सुनकर वहां तैनात सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग निकले।

जाट समाज की पंचायत और झंडा विवाद

यह विवाद नया नहीं है। दरअसल, जाट समाज की ओर से 21 सितंबर को मोती महल पर रियासतकालीन झंडा लगाने के लिए बड़ी पंचायत बुलाई गई थी। इसको लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था। बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने मोती महल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगा दिया। इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह की अपील पर जाट समाज ने अपना निर्णय बदलते हुए पंचायत को स्थगित कर दिया था।

पुलिस प्रशासन ने उस समय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोती महल और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। दिनभर शांति बनी रही, जिसके बाद शाम होते-होते पुलिस बल हटा लिया गया। लेकिन रात में अचानक यह तोड़फोड़ की घटना सामने आ गई, जिससे माहौल फिर से गर्म हो गया।

भरतपुर की राजनीति और राजपरिवार की नाराजगी

भरतपुर का मोती महल केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के राजपरिवार और जाट समाज की राजनीतिक एवं सामाजिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि यहां झंडा लगाने और संपत्ति के अधिकारों को लेकर समय-समय पर विवाद होता रहा है।

अनिरुद्ध सिंह का यह कहना कि “महल की कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है”, इस बात को दर्शाता है कि विवाद और गहराता जा रहा है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

आगे की जांच और संभावित कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि मोती महल की सुरक्षा को देखते हुए भविष्य में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading