मनीषा शर्मा। राजस्थान के बीकानेर में रविवार को कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि पाकिस्तान जाने वाला पानी रोका जाएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। प्रधानमंत्री की घोषणा केवल भाषणों तक सीमित रह गई है जबकि वास्तविकता में नहरों का पानी लगातार पाकिस्तान जा रहा है और पश्चिमी राजस्थान के किसान इसके अभाव में भारी संकट का सामना कर रहे हैं।
भाटी ने बीकानेर सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह सिर्फ किसानों के साथ अन्याय नहीं है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना था कि यदि पाकिस्तान की ओर पानी जा रहा है और राजस्थान की धरती पर खेती सूख रही है, तो यह सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की विफलता को उजागर करता है।
प्रधानमंत्री की घोषणा बनाम जमीनी हकीकत
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा था कि पाकिस्तान को एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं जाने देंगे, लेकिन आज भी हरिके बैराज से हजारों क्यूसेक पानी पाकिस्तान की ओर बह रहा है। यह सीधे तौर पर राजस्थान और विशेष रूप से बीकानेर, कोलायत और पश्चिमी जिलों के किसानों की जिंदगी पर प्रहार है।
पोंग डैम का जल स्तर और किसानों का संकट
भाटी ने कहा कि पोंग डैम का स्तर तकनीकी रूप से 1400 फीट तक पहुंच सकता है, लेकिन जानबूझकर इसे नीचे रखा जा रहा है। 15 अगस्त को पोंग डैम का स्तर 1377.26 फीट दर्ज किया गया था जबकि उस समय 83,315 क्यूसेक पानी का इन्फ्लो हो रहा था। बावजूद इसके, एक सप्ताह से लगातार 55,000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पानी की निकासी का सीधा लाभ पाकिस्तान को मिल रहा है। वहीं राजस्थान के किसान नहरों में दो बारियों के बजाय केवल एक बारी पानी तक के लिए तरस रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान में पहले से ही बारिश सामान्य से कम हुई है और जब नहरी पानी भी नहीं मिल रहा, तो फसलें पूरी तरह से बर्बाद होने के कगार पर हैं।
हरिके बैराज से पाकिस्तान को सप्लाई
भाटी ने दावा किया कि हरिके बैराज का पोंड लेवल जानबूझकर नीचे रखा जा रहा है, जिसके कारण लगातार 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी पाकिस्तान की ओर जा रहा है। यह पानी नहरों में जाता तो राजस्थान के 10 जिलों के लाखों किसानों को सिंचाई मिल सकती थी। लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों और नौकरशाही की मनमानी ने किसानों को बेहाल कर दिया है।
किसानों का दर्द और धरने की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने कहा कि नहर विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर तय कर लेते हैं कि सिंचाई का पानी कहां देना है और कहां रोकना है। यह स्थिति बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे लाखों किसान अपनी मेहनत और पूंजी खोने की कगार पर पहुंच जाते हैं। भाटी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों को पानी नहीं मिला तो मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा। यह धरना केवल बीकानेर तक सीमित नहीं होगा बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान में किसानों की आवाज बनेगा।
पश्चिमी राजस्थान के किसानों का भविष्य दांव पर
भाटी का आरोप है कि भाजपा सरकार में किसान पूरी तरह उपेक्षित हो गए हैं। बारिश कम होने के कारण पहले से ही सूखे जैसी स्थिति है। ऊपर से नहरों में पानी न मिलने से लाखों बीघा फसलें बर्बाद हो सकती हैं। बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में किसान सिंचाई के लिए नहरों पर निर्भर रहते हैं। यदि पानी नहीं मिला तो खाद्यान्न उत्पादन पर भी सीधा असर पड़ेगा।
राजनीति या हकीकत?
हालांकि भाटी के आरोप राजनीतिक भी माने जा सकते हैं, लेकिन उनके तर्क और आंकड़े सवाल खड़े करते हैं। पोंग डैम और हरिके बैराज से पानी की निकासी तथा पाकिस्तान की ओर पानी का बहना एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। यदि किसानों को पानी नहीं मिल रहा तो यह सरकार की गंभीर लापरवाही कही जाएगी।


