शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान मंगलवार, 11 नवंबर को होगा। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अंता क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस के सैकड़ों कर्मियों की तैनाती की गई है।
268 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए कुल 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। मतदान दल सोमवार शाम को अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं।
इस चुनाव में कुल 2,28,264 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,16,783 पुरुष, 1,11,477 महिलाएं और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।
महाजन ने कहा कि निर्वाचन विभाग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं।
3077 पुलिसकर्मी और CAPF के जवान तैनात
अंता उपचुनाव में सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही।
कुल 3077 पुलिस कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। हर मतदान दल के साथ एक पुलिस टीम तैनात रहेगी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर CAPF के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए—
12 क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT)
43 मोबाइल पार्टियां
43 सेक्टर मजिस्ट्रेट
12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी
12 एरिया मजिस्ट्रेट
4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक
4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
नियुक्त किए गए हैं।
इनके अलावा क्षेत्र में 13 अन्तर्राज्यीय नाके और 5 अन्तर जिला नाके भी सक्रिय रखे गए हैं, जहां पुलिस और सशस्त्र बलों की लगातार निगरानी जारी है।
मतदान दलों और कर्मचारियों की तैनाती पूरी
निर्वाचन विभाग ने 268 सक्रिय मतदान दलों और 29 रिज़र्व मतदान दलों का गठन किया है। इन दलों में कुल 1240 कर्मचारी लगाए गए हैं। सभी दलों को मतदान से पहले आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा, पीने के पानी की व्यवस्था, रैंप और व्हीलचेयर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
तीन तरफा मुकाबले से रोचक बना चुनाव
अंता विधानसभा सीट पर कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
भाजपा ने बारां के प्रधान मोरपाल सुमन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जताया है।
वहीं, निर्दलीय नरेश मीणा इस बार दोनों ही दलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि नरेश मीणा का प्रभाव इस चुनाव को अप्रत्याशित बना सकता है।
क्यों खाली हुई थी अंता सीट
अंता विधानसभा सीट उस समय खाली हुई थी जब भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा को सजा होने के बाद अयोग्य घोषित किया गया।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की थी। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर को होने वाले मतदान और 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर हैं।


