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रूम हीटर खरीदने से पहले जानें जरूरी सेफ्टी नियम, BIS ने जारी की चेतावनी

रूम हीटर खरीदने से पहले जानें जरूरी सेफ्टी नियम, BIS ने जारी की चेतावनी

सर्दियों में राहत देने वाले रूम हीटर घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले उपकरणों में शामिल हैं। लेकिन विशेषज्ञों और सरकार का कहना है कि हीटर खरीदते समय केवल डिजाइन, कीमत या ब्रांड देखने से काम नहीं चलता। सुरक्षा मानकों और BIS द्वारा जारी निर्देशों को जानना भी उतना ही ज़रूरी है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने रूम हीटर के लिए कई अनिवार्य मानक तय किए हैं, ताकि उपभोक्ता सुरक्षित और भरोसेमंद प्रोडक्ट खरीद सकें।

ISI मार्क वाला हीटर क्यों है सबसे सुरक्षित

भारत में बेचे जाने वाले इलेक्ट्रिक हीटर पर ISI मार्क होना पहली और सबसे जरूरी शर्त मानी जाती है। BIS के मानकों के अनुसार ISI मार्क दर्शाता है कि हीटर IS 302-2-30:2007 नियमों के तहत कई सख्त इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल टेस्ट पास कर चुका है। यह मार्क यह सुनिश्चित करता है कि हीटर घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित है और लंबे समय तक लगातार चलने पर भी जोखिम कम रहता है।

बिजली के झटके और आग से सुरक्षा की जांच अनिवार्य

BIS के मुताबिक हर मानक हीटर को अर्थ कंटिन्यूटी, इलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ और लाइव पार्ट्स से सुरक्षा जैसे टेस्ट से गुजरना पड़ता है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हीटर में कोई भी अंदरूनी खराबी या वायरिंग समस्या इलेक्ट्रिक शॉक या आग का कारण न बने। इसके अलावा, ऑटोमैटिक कट-ऑफ फीचर को भी जरूरी माना गया है। यह फीचर हीटर के गिरने, असंतुलन या ज्यादा गर्म होने पर तुरंत उसे बंद कर देता है।

सही वॉटेज वाले हीटर का चुनाव क्यों जरूरी

सरकार की गाइडलाइन में कहा गया है कि खरीददार को कमरे के आकार और जरूरत के अनुसार ही वॉटेज चुनना चाहिए।
रूम हीटर आमतौर पर 1000 वॉट से लेकर ज्यादा वॉट क्षमता वाले मॉडल में आते हैं।
कमरे के हिसाब से ज्यादा वॉटेज लेने से ओवरहीटिंग और बिजली की अत्यधिक खपत हो सकती है।
इसी वजह से BIS सर्टिफाइड हीटर में सही अर्थिंग, उच्च गुणवत्ता का इंसुलेशन और शॉर्ट-सर्किट सुरक्षा होना अनिवार्य है।

BIS लैब में होती है कई स्तर की जांच

BIS की लैब में हीटर की मजबूती, लंबे समय तक चलने पर उसकी परफॉर्मेंस और लीकेज करंट की विस्तृत जांच की जाती है।
स्टेबिलिटी टेस्ट यह सुनिश्चित करता है कि हीटर आसानी से पलट न जाए।
फायर रेजिस्टेंस टेस्ट में देखा जाता है कि अधिक तापमान पर भी हीटर के प्लास्टिक या धातु हिस्से पिघलें या खराब न हों।
इसके अलावा हीटर की वायर क्वालिटी और गर्मी सहनशीलता भी जांची जाती है।

उपभोक्ताओं के लिए BIS की सलाह

BIS समय-समय पर उपभोक्ताओं को चेतावनी देता है कि बिना ISI मार्क वाले सस्ते, लोकल या अनब्रांडेड हीटर सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकते हैं।
खरीदते समय पावर कॉर्ड की स्थिति, वारंटी, ब्रांड की विश्वसनीयता और निर्माता की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सर्टिफिकेशन देखकर ही खरीदारी करें, क्योंकि सुरक्षा में लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है।

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