मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति इन दिनों बयानबाज़ी के तीखे दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा श्रीगंगानगर की सभा में कांग्रेस पर सीधे हमले के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को बेहद कड़े शब्दों में सीएम के बयान पर पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि “एक पूर्व मंत्री जेल से बाहर आए हैं और दूसरा जेल जाने की तैयारी कर रहा है।” इस टिप्पणी ने न सिर्फ कांग्रेस खेमे को आक्रामक किया, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी।
डोटासरा का जवाब—“भेजो, कौन रोक रहा है?”
CM भजनलाल के बयान पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को बेहद कड़े शब्दों में पलटवार किया। उन्होंने कहा—
“भेजो, कौन रोक रहा है? आप तो पूर्व मुख्यमंत्री को भी भेजने वाले थे। मैं तो कब से तैयार हूं। मैं मंत्री रहा हूं, मुझे भी जेल भेजो। अगर हिम्मत है, तो कार्रवाई करो।”
डोटासरा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल बयानबाज़ी कर रही है, जबकि वास्तविक कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने सीएम के कथन को ‘डराने की राजनीति’ बताया।
“बड़े मगरमच्छ पकड़ने की बात की थी, दो साल में मच्छर भी नहीं पकड़ा”
डोटासरा ने भाजपा पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े मगरमच्छ पकड़ने का दावा किया था, लेकिन दो साल में एक ‘मच्छर’ भी नहीं पकड़ पाई।
उन्होंने कहा—
“ये झूठे और बेईमान लोग हैं। जनता को भ्रमित कर वोट लेते हैं। महेश जोशी को जेल में डाला, लेकिन वे भी जमानत पर बाहर आ गए। जेल भेजने की धमकी देकर राजनीति करते हैं, जबकि असल में कुछ नहीं होने वाला। ये खुद ही जेल जाएंगे, आप देखना।”
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन पर लगातार निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब सरकार के वादों और वास्तविकता के बीच का फर्क समझ चुकी है।
ईडी की रेड और इंडिगो फ्लाइट जैसी स्थिति का आरोप
डोटासरा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया—
“भाजपा और आरएसएस को एक्सपोज करने की वजह से मेरे घर पर ईडी की रेड हुई। आज देश की हालत इंडिगो फ्लाइट जैसी हो गई है। लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। आम आदमी बोलता है तो ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स भेज देते हैं, लेकिन भाजपा के बड़े नेता प्राइवेट बैंक खरीद रहे हैं, और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।”
उन्होंने कहा कि देश की राजनीति डर और दबाव के माहौल में पहुंच चुकी है, जहां आम जनता और विपक्षी आवाज़ों को सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर दबाया जा रहा है।
अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर भी बढ़ी सियासत
इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी भाजपा सरकार पर हमलावर दिखे। जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर महापरिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम न होने को लेकर उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार किया।
जूली ने कहा—
“भाजपा को अंबेडकर सिर्फ चुनाव के समय याद आते हैं। आज पूरा देश महापरिनिर्वाण दिवस मना रहा है, लेकिन जयपुर में मूर्ति की सफाई तक नहीं की गई। यह संविधान को चुनौती देने वाली सोच है।”
जूली ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार “वोट चोरी” करके सत्ता में आई है और अब पांच वर्ष तक होने वाले निकाय व पंचायत चुनाव करवाने से बच रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आघात बताया।


