बसंत पंचमी 2024: 14 फरवरी को त्रिग्रही योग में करें मां सरस्वती की पूजा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 14 फरवरी, 2024 को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन शिक्षा, कला, साहित्य और संगीत आदि क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए खास है। शास्त्रों में इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी का दिन शुभ कार्य के लिए भी बेहद उत्तम माना जाता है।

इस बार बसंत पंचमी पर त्रिग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है। मकर राशि में मंगल, बुध और शनि का त्रिग्रही योग होगा। इसके साथ कुंभ राशि में सूर्य और शनि का भी द्विग्रही योग होगा। इस दिन 9 रेखीय सावा भी है। मंगल के उच्च राशि में होने के कारण विद्या और भूमि से जुड़े कार्यों सहित व्यापार शुरू करने के लिए दिन बेहतर माना गया है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 14 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। पूजा का मुहूर्त 14 फरवरी को सुबह 7 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना, पीले रंग का भोग लगाना और पीले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

14 फरवरी को अबूझ मुहूर्त भी होने के कारण इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होंगी। बीकानेर में 500 से ज़्यादा शादियां होंगी और पूरे प्रदेश भर में 30 हज़ार से ज़्यादा विवाह संपन्न होंगे।

अगला अबूझ मुहूर्त अक्षय तृतीया के दिन ही रहेगा। हालांकि अक्षय शादियों के लिए अबूझ मुहूर्त है, लेकिन इस बार अक्षय तृतीया पर गुरु और शुक्र दोनों ही अस्त रहेंगे। इस कारण इस दिन होने वाली शादियों की संख्या कम रहेगी।

बसंत पंचमी के दिन किए गए कुछ शुभ कार्य:

  • मां सरस्वती की पूजा
  • विद्या आरंभ
  • कला, साहित्य और संगीत का शुभारंभ
  • व्यापार शुरू करना
  • भूमि से जुड़े कार्य
  • शादी
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