मनीषा शर्मा। जयपुर में आगामी सेना दिवस समारोह के मद्देनज़र प्रशासन ने महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय लिया है। शहर में 13 दिनों तक पतंग उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा। यह आदेश जयपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी किया गया है, ताकि फ्लाई-पास्ट अभ्यास और सेना दिवस परेड के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति न बने। यह प्रतिबंध 2 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। तय तिथियों पर कुछ दिनों में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक और कुछ दिनों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पतंग उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। सेना दिवस पर 15 जनवरी को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक विशेष रूप से रोक लागू रहेगी। प्रशासन का मानना है कि कम ऊंचाई पर उड़ान भरते विमानों के दौरान पतंगें या मांझा जान-माल के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए यह कदम एहतियात के तौर पर अनिवार्य है।
5 किलोमीटर क्षेत्र में सख्त पाबंदी
एसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) और कार्यपालक मजिस्ट्रेट डॉ. राजीव पचार के अनुसार सेना दिवस कार्यक्रम के दौरान महल रोड, हरे कृष्णा मार्ग और जगतपुरा क्षेत्र में फ्लाई-पास्ट अभ्यास होगा। इस दौरान सैन्य विमान अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे। ऐसी स्थिति में यदि आसपास पतंगबाजी जारी रहती है, तो विमान, पायलट और आम जनता सभी के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। यही कारण है कि परेड स्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में पतंग उड़ाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आदेश सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है और सभी नागरिकों से इसे सहयोगात्मक भाव से पालन करने की अपेक्षा है।
आदेश तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जयपुर पुलिस लगातार अपील कर रही है कि लोग निर्धारित समयावधि के दौरान पतंग न उड़ाएं और सेना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग करें। अधिकारियों के अनुसार ऐसे प्रतिबंध केवल अस्थायी होते हैं, लेकिन इनसे बड़े हादसों की आशंका टाली जा सकती है। सेना दिवस जैसा राष्ट्रीय कार्यक्रम अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों की मांग करता है।
सेना दिवस परेड: शौर्य और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन
15 जनवरी को सुबह 9:30 बजे से जगतपुरा स्थित महल रोड पर लगभग तीन किलोमीटर लंबे मार्ग पर भव्य परेड निकाली जाएगी। परेड में अलग-अलग रेजिमेंटल सेंटर्स की मार्चिंग टुकड़ियां सम्मिलित होंगी। इसके साथ ही सेना के विमानों और हेलिकॉप्टरों का फ्लाई-पास्ट परेड का मुख्य आकर्षण रहेगा। ब्रह्मोस मिसाइल, अत्याधुनिक टैंक, सैन्य वाहन और आधुनिक युद्ध उपकरण भी जनता के सामने प्रदर्शित किए जाएंगे। यह परेड न केवल सैन्य क्षमता को दर्शाती है, बल्कि अनुशासन, परंपरा और तकनीकी प्रगति का सशक्त संदेश भी देती है।
हथियार प्रदर्शनी से आमजन को जोड़ा जाएगा
सेना दिवस से पहले 8 से 12 जनवरी तक भवानी निकेतन ग्राउंड में आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां आम लोग भी पहुंचकर भारतीय सेना में उपयोग होने वाले उपकरणों को नज़दीक से समझ सकेंगे। यह प्रदर्शनी युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनेगी, साथ ही सेना में भर्ती की प्रेरणा भी देगी।
शौर्य संध्या और अन्य कार्यक्रम
15 जनवरी की शाम सवाई मानसिंह स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड शो, मार्शल आर्ट प्रदर्शन और ड्रोन शो जैसे आकर्षक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा सेना दिवस से पहले ऑनर रन और साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों को इस राष्ट्रीय उत्सव से जोड़ना है।
सुरक्षा और सम्मान—दोनों समान रूप से जरूरी
जयपुर में लागू यह प्रतिबंध केवल कानून व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है। सेना दिवस भारतीय सैनिकों के साहस, समर्पण और बलिदान को याद करने का अवसर है। ऐसे में लोगों से केवल कुछ घंटों का संयम और सहयोग अपेक्षित है, ताकि कार्यक्रम सुचारु और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो सके।


