राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर शहर में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक बादशाह मेला इस वर्ष एक दर्दनाक घटना का साक्षी बन गया। मेले में ‘बादशाह’ की पारंपरिक भूमिका निभा रहे चंद्रप्रकाश अग्रवाल का सवारी के दौरान अचानक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, सवारी निकलने के समय वे पूरी शान और परंपरा के साथ कार्यक्रम में शामिल थे, तभी उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई और वे अस्वस्थ हो गए।
मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अमृतकौर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गहन प्रयास किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद हार्ट अटैक को मौत का संभावित कारण बताया और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने रोके सभी कार्यक्रम
घटना की सूचना मिलते ही मेले में चल रहे सभी सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए। अजमेरी गेट के बाहर चल रहा डीजे बंद कर दिया गया। जिला कलेक्टर कार्यालय ब्यावर में आयोजित होने वाला पारंपरिक गुलाल युद्ध भी रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने औपचारिक रूप से फरमान जारी कर मेले के समापन की घोषणा की।
शहर में सुबह तक जहां उत्सव और उमंग का वातावरण था, वहीं शाम होते-होते पूरा माहौल शोक में बदल गया। मेले में मौजूद हजारों लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गई और आयोजन स्थल पर सन्नाटा पसर गया।
सामाजिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
चंद्रप्रकाश अग्रवाल के आकस्मिक निधन से बादशाह मेला समिति, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं में गहरा दुख व्याप्त है। शहर के विभिन्न संगठनों ने शोक सभाएं आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कई गणमान्य नागरिकों ने इसे मेले के इतिहास की एक अत्यंत दुखद घटना बताया।
ब्यावर का बादशाह मेला अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। ऐसे में ‘बादशाह’ की भूमिका निभा रहे व्यक्ति का सवारी के दौरान निधन होना पूरे शहर के लिए एक भावनात्मक आघात है।
इस घटना ने न केवल मेले की रौनक को थाम दिया, बल्कि शहरवासियों को गहरे शोक में डुबो दिया। नागरिकों ने दिवंगत चंद्रप्रकाश अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।


