मनीषा शर्मा। Rajasthan Social Justice and Empowerment Department ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान में तीन लाख से अधिक पेंशन लाभार्थियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की जाएगी। जिन लोगों के सालाना बिजली बिल 24 हजार रुपये से अधिक हैं, उनकी पेंशन बिना जांच के रोकी नहीं जाएगी। विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को नए आदेश जारी किए हैं।
नए निर्देशों के मुताबिक, ऐसे पेंशनर्स को पेंशन बंद करने के बजाय इसे स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यानी जिनकी आय पात्रता सीमा से अधिक है, उनसे ‘गिव अप’ करने का आग्रह किया जाएगा। यह फैसला राज्य में जारी पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
15 नवंबर तक सभी पेंशनर्स का वेरिफिकेशन
विभाग ने सभी पेंशनर्स का 15 नवंबर तक वेरिफिकेशन कराने के आदेश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभार्थी जीवित हैं और पात्रता की शर्तें पूरी कर रहे हैं। इस प्रक्रिया की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को पेंशन से वंचित न होना पड़े।
मंत्री बोले – सरकार किसी की पेंशन बंद नहीं कर रही
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने स्पष्ट बयान जारी किया है कि राज्य सरकार किसी भी लाभार्थी की पेंशन बंद नहीं कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 92 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पात्रता की जांच होती है और जिन परिवारों की वार्षिक आय 48 हजार रुपये से अधिक है, उनसे पेंशन छोड़ने का आग्रह किया जा रहा है।
पहले आए थे सख्त आदेश, अब लहजे में नरमी
9 अक्टूबर को विभाग ने आदेश जारी कर 24 हजार रुपये से अधिक वार्षिक बिजली बिल भरने वाले 3 लाख 2000 पेंशनर्स की आय की गहराई से जांच कराने और जांच पूरी होने तक पेंशन रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लाभार्थियों में चिंता का माहौल था।
अब सरकार ने अपने रुख में नरमी दिखाई है और नए आदेशों में किसी की पेंशन बंद करने के बजाय अधिक आय वालों से स्वेच्छा से पेंशन छोड़ने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि बिना जांच के किसी की पेंशन रोकी नहीं जाएगी।
पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी पेंशन
राज्य सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना उन लोगों के लिए है जो पात्रता मानदंडों पर खरे उतरते हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा देना है। इसलिए सरकार अब पात्रता की नियमित जांच कर पारदर्शिता बनाए रखते हुए पेंशन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करना चाहती है।


