अब जयपुर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना पहले जितना आसान नहीं रहने वाला है। राजधानी के जगतपुरा आरटीओ कार्यालय में परिवहन विभाग ने ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल सिस्टम को एक बार फिर शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था के लागू होते ही पहचान, सिफारिश और जुगाड़ जैसे रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। अब वही आवेदक लाइसेंस हासिल कर सकेगा, जिसे वास्तव में वाहन चलाना आता है।
सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
परिवहन विभाग के इस फैसले को सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। ऑटोमेटेड सिस्टम के तहत ड्राइविंग ट्रायल के दौरान वाहन चालक की हर गतिविधि सेंसर और सॉफ्टवेयर के जरिए रिकॉर्ड की जाएगी। ट्रायल पूरा होते ही परिणाम स्वतः जनरेट होगा, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना खत्म हो जाएगी।
वाहन पोर्टल से जुड़ने की तैयारी
विभाग जल्द ही इस ऑटोमेटेड ट्रायल सिस्टम को वाहन पोर्टल से जोड़ने जा रहा है। इसके बाद ट्रायल का परिणाम सीधे आवेदक के मोबाइल पर मैसेज के जरिए भेजा जाएगा। इससे परिवहन निरीक्षकों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी और एजेंटों का दखल भी पूरी तरह बंद होने की उम्मीद है।
एक ही शहर में दो अलग-अलग व्यवस्था पर सवाल
हालांकि इस नई प्रणाली को लेकर जनता के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जगतपुरा आरटीओ में ऑटोमेटेड ट्रायल लागू कर दिया गया है, तो विद्याधर नगर आरटीओ में अब भी मैनुअल ट्रायल क्यों हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि जो लोग ऑटोमेटेड ट्रायल से बचना चाहेंगे, वे अन्य आरटीओ या डीटीओ कार्यालयों का रुख कर सकते हैं।
लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता
ऑटोमेटेड ट्रायल सिस्टम के साथ स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की फीस में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। अब पुरुष आवेदकों को 800 रुपये की जगह 1050 रुपये और महिला आवेदकों को 700 रुपये की जगह 950 रुपये चुकाने होंगे। महंगाई से जूझ रही आम जनता के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ चिंता का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब प्रक्रिया डिजिटल हो रही है, तो शुल्क कम होने के बजाय बढ़ क्यों रहा है।
पहले भी लागू हो चुका है यह सिस्टम
गौरतलब है कि जगतपुरा आरटीओ में ऑटोमेटेड ट्रायल सिस्टम पहले भी लागू किया गया था। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण अप्रैल 2024 में इसे बंद कर मैनुअल ट्रायल शुरू कर दिए गए थे। करीब एक साल बाद अब इसे फिर से शुरू किया गया है।
फिलहाल ट्रायल बेस पर हो रहा संचालन
परिवहन विभाग ने सोमवार से जगतपुरा आरटीओ में ऑटोमेटेड ट्रैक पर स्थायी लाइसेंस का ट्रायल लेना शुरू कर दिया है। अभी इसे दो से तीन दिन ट्रायल बेस पर चलाया जा रहा है, लेकिन आवेदकों को टेस्ट पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम पर ही देना होगा। ट्रायल के तुरंत बाद परिणाम प्रिंट होकर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।


