मनीषा शर्मा। लंबे समय से चल रहे असमंजस और स्थगन विवाद के बाद आखिरकार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 की शुरुआत आज 7 नवंबर से हो गई। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में पहले ही दिन 92,600 अभ्यर्थियों ने सहभागिता की। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा पर किसी तरह का भ्रम अब शेष नहीं है और पूरा परीक्षा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार 20 दिसंबर तक जारी रहेगा।
पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। परीक्षा शुरू होने के साथ ही इससे जुड़े सभी प्रशासनिक इंतजाम और सुरक्षा प्रबंध भी सख्ती से लागू किए गए।
प्रतिदिन दो पारियों में होंगी परीक्षाएं
7 नवंबर को शुरू हुई भर्ती परीक्षा अब 8 से 20 दिसंबर तक प्रतिदिन दो पारियों में आयोजित की जाएगी।
पहली पारी (पेपर-I): सुबह 9 बजे से 12 बजे तक
दूसरी पारी (पेपर-II): दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
आयोग के अनुसार, 8 दिसंबर से ऐच्छिक विषयों की परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी, जिनमें हिंदी विषय का पेपर सबसे पहले आयोजित होगा। अधिकांश ऐच्छिक विषयों की परीक्षाएं जयपुर परीक्षा केंद्रों पर केंद्रित रहेंगी, जहां अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
स्थगन आदेश पर कोर्ट से मिली राहत, कंफ्यूजन हुआ दूर
परीक्षा को लेकर सबसे बड़ा विवाद 3 दिसंबर को उत्पन्न हुआ, जब एकलपीठ ने परीक्षा स्थगित करने का आदेश दे दिया था। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी।
हालांकि आयोग ने तत्काल खंडपीठ में अपील की, जहां उसकी अपील स्वीकार कर ली गई और परीक्षा कराने की अनुमति प्रदान कर दी गई।
आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां पहले से पूरी हो चुकी थीं और 92,600 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके थे। ऐसे में कोर्ट के निर्णय ने परीक्षा प्रक्रिया को समय पर शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया।
आज प्रदेश के 298 परीक्षा केंद्रों पर राजस्थान सामान्य ज्ञान (पेपर-III) आयोजित किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त गाइडलाइन
अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज राजकीय महाविद्यालय सहित सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा प्रबंध बेहद कड़े रखे गए। अभ्यर्थियों की तलाशी और दस्तावेज जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस और स्टाफ की तैनाती की गई।
महिला अभ्यर्थियों को पतली चूड़ियों के अलावा कोई आभूषण पहनने की अनुमति नहीं दी गई। यही नहीं, घड़ी, बेल्ट, हैंडबैग, धूप का चश्मा, हेयर पिन, ताबीज, टोपी, स्कार्फ और स्टॉल जैसी वस्तुएं भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहीं।
सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों को केवल हल्के, साधारण गर्म कपड़े पहनकर प्रवेश की अनुमति दी गई। कॉलेज प्राचार्य मनोज बेरवाल ने कहा कि सभी अभ्यर्थियों को आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ही प्रवेश दिया गया और किसी भी केंद्र पर अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाएं
परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, बैठने की समुचित व्यवस्था और प्रतीक्षा स्थल तक का पूरा प्रबंधन किया गया। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त वॉलंटियर भी लगाए गए।
सुरक्षा के लिए हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की व्यवस्था की गई। आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संचालित की जा रही है।


