मनीषा शर्मा। राजस्थान विधानसभा में CCTV कैमरे लगाने के फैसले ने इन दिनों बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इस कदम को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है और इसे प्राइवेसी के खिलाफ बता रही है। लेकिन प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस मामले पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
“इनकी कौन सी प्राइवेसी?” – बेढम का कांग्रेस पर तंज
बेढम ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का यह तर्क बिल्कुल निराधार है कि सीसीटीवी कैमरे उनकी निजता का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि आखिर इनकी कौन सी प्राइवेसी है? जब विधानसभा में 199 विधायक, पत्रकार और सैकड़ों लोग मौजूद होते हैं, कार्यवाही का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर होता है, तो प्राइवेसी का सवाल ही कहां रह जाता है?”
उन्होंने आगे कहा कि देश की संसद और अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी CCTV कैमरे लगे हुए हैं, वहां किसी ने प्राइवेसी का मुद्दा नहीं उठाया। ऐसे में कांग्रेस का यह विरोध सिर्फ विवाद खड़ा करने की कोशिश है।
कांग्रेस पर सदन की गरिमा ठेस पहुंचाने का आरोप
गृह राज्य मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनका मकसद सदन की परंपराओं को तार-तार करना है। उन्होंने कहा, “पिछले सत्र में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जिस तरह का बर्ताव किया, अपमानजनक टिप्पणियां की और कमरे में कैद होकर हंगामा मचाया, उससे साफ है कि उनकी नीयत सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने की है।”
बेढम ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बिना आधार और बिना वजह की बातें कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन की कार्यवाही का रिकॉर्ड होना लोकतंत्र के लिए अच्छा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सही जानकारी मिल सके।
जनता से जुड़े मुद्दों से बच रही है कांग्रेस
जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर जनता के असली मुद्दों पर बहस से भागने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए नई व्यवस्था बनाई है। इस व्यवस्था के तहत किसी विधायक से मिलने एक बार में पांच से अधिक लोग नहीं जा सकते, ताकि कार्यवाही प्रभावित न हो। लेकिन कांग्रेस इन वास्तविक मुद्दों पर बहस करने के बजाय केवल हंगामा कर रही है।
उन्होंने कहा, “हाल ही में जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया गया। इस विधेयक का समर्थन करने की बजाय कांग्रेस ने मैदान छोड़ दिया और सदन से बाहर निकल गई। यह दिखाता है कि उन्हें जनता की भलाई से ज्यादा राजनीति चमकाने की चिंता है।”
पारदर्शिता और लोकतंत्र का सवाल
बेढम ने दोहराया कि CCTV कैमरे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। जब कार्यवाही पहले से ही लाइव प्रसारित हो रही है, तब कैमरों पर आपत्ति करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सदन जनता की समस्याओं का समाधान करने का मंच है, न कि बेवजह के विवाद और हंगामे का।


