शोभना शर्मा। अजीतगढ़ आगमन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में इशारों-इशारों में राजस्थान की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ चुकी है, बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है और महंगाई आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। उनके अनुसार जनता अब स्पष्ट रूप से मान चुकी है कि मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
गहलोत बोले – सरकार एक मिनट में फैसला लेती है और अगले ही मिनट बदल देती है
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार फैसले लेने और उन्हें बनाए रखने में सक्षम नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार एक मिनट पहले कोई फैसला लेती है और अगले ही मिनट उसे बदल देती है। ऐसे में राज्य की जनता अपने मुद्दों और आवश्यकताओं को लेकर असहाय महसूस कर रही है क्योंकि कोई स्थिर और उत्तरदायी तंत्र मौजूद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अजीतगढ़ क्षेत्र में कई लोगों ने उनके सामने स्वीकार किया कि कांग्रेस शासन में जो विकास कार्य हुए थे, वर्तमान सरकार उन कार्यों को आगे बढ़ाने में असफल रही है।
अंता उपचुनाव का जिक्र
गहलोत ने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि जनता सरकार से ऊब चुकी है और इसका ताजा उदाहरण अंता उपचुनाव के नतीजे हैं। उनके अनुसार मतदाताओं ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वे बदलाव चाहते हैं और मौजूदा सरकार से असंतुष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब कांग्रेस के काम और उसकी नीतियों को याद कर रही है और दोनों सरकारों की तुलना कर रही है।
चाय की टपरी पर आमजन से मुलाकात
सीकर जाते समय गहलोत का काफिला अचानक अजीतगढ़ बस स्टैंड पर रुका, जहां वे करीब आधे घंटे तक एक चाय की टपरी पर बैठे। इस दौरान उन्होंने आम जनता से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या उनके आसपास इकट्ठा हो गई और लोगों ने खुलकर अपनी परेशानियां साझा कीं। इस मौके पर शाहपुरा विधायक मनीष यादव, युवा कांग्रेसी नेता प्रवीण व्यास, सीकर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव लाखन पारीक, युवा नेता बबलू सिंह हरिपुरा, मनोज गुर्जर सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
बुजुर्ग ने कहा – 7 महीने से पेंशन बंद
चाय की टपरी पर मुलाकात के दौरान झाड़ली निवासी बुजुर्ग छगनलाल सैनी ने गहलोत से मिलकर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी तथा कई अन्य बुजुर्गों की पेंशन पिछले 7 महीने से बंद है। उन्होंने बताया कि गहलोत सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन सुनिश्चित की थी, जिससे उन्हें जीवनयापन में राहत मिलती थी, लेकिन अब पेंशन न मिलने से गुजारा मुश्किल हो गया है। इस पर गहलोत ने आश्वासन दिया कि इस विषय को संबंधित स्तर पर उठाकर जल्द समाधान की कोशिश की जाएगी।
विधवा महिला की पीड़ा पर गहलोत का संवेदनात्मक प्रतिक्रिया
चाय के दौरान अचानक एक विधवा महिला रोते हुए गहलोत के पास आकर बैठ गई। उसकी स्थिति देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। महिला ने बताया कि उसके पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी और परिवार का एकमात्र कमाने वाला वही था। अब उसकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है, बच्चों के भरण-पोषण के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है और कई बार भोजन तक जुटाना मुश्किल हो जाता है। गहलोत ने धैर्यपूर्वक उसकी बात सुनी और कहा कि वह संबंधित विभागों के माध्यम से उसकी सहायता के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
दिवंगत शिक्षक नेता के परिजनों को सांत्वना
पूर्व मुख्यमंत्री ने अजीतगढ़ प्रवास के दौरान राजस्थान शिक्षक संघ (कांग्रेस) के प्रदेश अध्यक्ष रहे स्वर्गीय बीएल सैनी के घर भी पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का संदेश दिया।


