मनीषा शर्मा। गुजरात और राजस्थान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय रेप के दोषी आसाराम को एक बार फिर अदालत से राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी ओर से 8 अगस्त को दायर अपील पर सुनवाई करते हुए अंतरिम जमानत की अवधि 29 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है। इस फैसले के साथ ही उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते फिलहाल जेल से बाहर रहने की अनुमति मिल गई है।
आसाराम की ओर से पेश की गई याचिका में उनके वकील निशांत बोड़ा ने हाल की मेडिकल रिपोर्ट्स को कोर्ट में प्रस्तुत किया। रिपोर्ट्स में उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का जिक्र था, जिसके आधार पर पहले गुजरात हाईकोर्ट ने भी उन्हें इसी महीने अंतरिम जमानत प्रदान की थी, जो अब राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा भी बढ़ा दी गई है।
मेडिकल रिपोर्ट्स ने खड़ी की चिंता की दीवार
कोर्ट में दाखिल की गई मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, आसाराम का ‘ट्रोपोनिन लेवल’ सामान्य सीमा से काफी अधिक पाया गया है। ट्रोपोनिन एक प्रोटीन है जो दिल की मांसपेशियों को नुकसान होने पर रक्त में पाया जाता है। इसका अधिक स्तर हृदय रोग के गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में भी इस मेडिकल स्थिति का विशेष उल्लेख किया गया था, जिसके अनुसार आसाराम की हालत गंभीर बनी हुई है। इसी कारण उन्हें इंदौर के जूपिटर हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट का अहम आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट के जज दिनेश मेहता और विनीत कुमार माथुर ने सुनवाई के दौरान आसाराम की सेहत को लेकर अहम निर्देश जारी किए। कोर्ट ने अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों का एक विशेष पैनल गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें दो अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) भी शामिल होंगे।
यह पैनल आसाराम की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की गहन जांच करेगा, विशेषकर उनके दिल से जुड़ी समस्याओं का मूल्यांकन करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की टीम पूरी जांच रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर दी गई जमानत न्यायोचित है।
अहमदाबाद पैनल की भूमिका
अहमदाबाद में गठित होने वाला यह मेडिकल पैनल न केवल आसाराम के ट्रोपोनिन स्तर की जांच करेगा, बल्कि उनके संपूर्ण स्वास्थ्य का मूल्यांकन करेगा। हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य संभावित बीमारियों का भी परीक्षण किया जाएगा। यह रिपोर्ट अदालत के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि आगे उन्हें जेल भेजा जाए या जमानत अवधि बढ़ाई जाए।
कानूनी पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
आसाराम को नाबालिग के साथ रेप के मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले कई वर्षों से जेल में सजा काट रहे हैं। हालांकि, उम्रदराज होने और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने कई बार अदालत से राहत की मांग की है।
गुजरात और राजस्थान दोनों राज्यों में उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई है। फिलहाल उनकी दोनों सजा एक साथ चल रही हैं। इससे पहले भी वह स्वास्थ्य आधार पर जमानत पाने में सफल रहे हैं, लेकिन अदालतें आमतौर पर मेडिकल जांच के बाद ही इस तरह की राहत देती हैं।
जमानत का आधार
अंतरिम जमानत का उद्देश्य आरोपी को स्थायी रूप से जेल से बाहर करना नहीं, बल्कि अस्थायी रूप से स्वास्थ्य या अन्य गंभीर कारणों के चलते राहत देना होता है। आसाराम के मामले में यह राहत उनके गंभीर स्वास्थ्य संकट और उम्र को देखते हुए दी गई है। हालांकि अदालत ने साफ किया है कि इस अवधि में वह किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे और उनका इलाज निर्धारित स्थानों पर ही होगा।
आगे की सुनवाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 29 अगस्त को अगली सुनवाई होगी, जिसमें अहमदाबाद पैनल की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि उनकी जमानत बढ़ाई जाए या उन्हें फिर से जेल भेजा जाए।


