मनीषा शर्मा। राजस्थान की सियासत में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव और राजनीतिक बयानबाजी चर्चा का विषय बन गई है। इस बार केंद्र में हैं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, जिन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी कथनी और करनी पर सवाल खड़े किए।
टोंक जिले के दौरे पर पहुंचे अरुण चतुर्वेदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रसंघ चुनावों की बहाली की मांग करने से पहले कांग्रेस नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि राज्य में छात्रसंघ चुनावों पर रोक किस सरकार के दौरान लगी थी।
“पायलट उस सरकार का हिस्सा थे जिसने चुनाव रोके थे”
अरुण चतुर्वेदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि,
“सचिन पायलट उस कांग्रेस सरकार का हिस्सा थे जिसने छात्रसंघ चुनाव बंद किए थे। अब जब भाजपा सरकार सत्ता में है, हम परिस्थिति का आकलन कर रहे हैं और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।”उन्होंने सवाल उठाया कि आज वही नेता छात्र राजनीति की बात कर रहे हैं, जिन्होंने स्वयं सत्ता में रहते हुए छात्रों की आवाज को दबाने का काम किया।
डोटासरा के बयान पर जवाबी हमला
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा हाल ही में दिए गए बयान जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार को ‘पर्ची सरकार’ कहा था, उस पर भी चतुर्वेदी ने करारा पलटवार किया।
उन्होंने कहा,
“जब एक ही सरकार में मुख्यमंत्री अपने ही डिप्टी सीएम को ‘नकारा और निकम्मा’ कहता है, तब बताइए कौन सी पर्ची चल रही थी? कांग्रेस के समय में तो आलाकमान की पर्ची से ही फैसले होते थे।”
अमेरिका के टैरिफ पर भारत की नीति पर बोले चतुर्वेदी
राज्य के मुद्दों के साथ-साथ चतुर्वेदी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति पर भी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति का समर्थन करते हुए कहा,
“भारत अब अपनी शर्तों पर चलेगा। प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि आम नागरिकों और देश के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।”उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बताया और कहा कि आज का भारत वैश्विक स्तर पर अपनी शर्तों पर बात करता है।
राज्य वित्त आयोग की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के तौर पर अपनी भूमिका पर बोलते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि आयोग की नई टीम बन रही है, जिसका उद्देश्य पंचायतों और शहरी निकायों को मिलने वाली केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि गांवों और छोटे कस्बों तक विकास की योजनाएं पहुंचे, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सामाजिक सुधार हो सके।”
उपराष्ट्रपति चुनाव को बताया केंद्र का विषय
जब चतुर्वेदी से उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इसे केंद्र सरकार का विषय बताया। उन्होंने कहा,
“देश में एनडीए सरकार है और जब नेतृत्व एनडीए के पास है, तो स्वाभाविक रूप से उपराष्ट्रपति का चयन भी उसी गठबंधन द्वारा किया जाएगा। इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।”