शोभना शर्मा। राजस्थान के लिए आगामी सेना दिवस (Army Day 2026) ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि 15 जनवरी 2026 को पहली बार जयपुर में आर्मी डे परेड का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल सेना के शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन करेगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दुनिया के सामने पेश करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को सेना और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस निर्णय की घोषणा की।
अब तक यह परेड केवल दिल्ली में सेना के परिसर में होती थी, लेकिन इस बार इसे आम जनता के बीच खुले में और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सेना के गौरव और बलिदान को नजदीक से देख और समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परेड का उद्देश्य केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रबल करना और जनता को सेना के करीब लाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को भव्यता और गरिमा के साथ किया जाए, जिसमें राजस्थान की परंपराएं, लोकनृत्य, संगीत और शिल्पकला भी शामिल हों। सीएम शर्मा ने कहा, “भारतीय सेना का शौर्य और बलिदान दुनिया में बेमिसाल है। हमारे सैनिकों ने हमेशा देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया है और यह आयोजन उनके उसी समर्पण को सम्मान देने का एक माध्यम होगा।”
इस विशाल आयोजन की जिम्मेदारी जयपुर के जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी को सौंपी गई है, जिन्हें परेड के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसमें दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता जैसे सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि परेड का स्थल ऐसा चुना जाए, जहां हजारों लोग आसानी से बैठकर कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
लेफ्टिनेंट जनरल मनिंदर सिंह ने बताया कि मुख्य परेड से पहले पूरे राज्य में कई जन-जागरूकता और प्रेरक कार्यक्रम होंगे। इनमें रक्तदान शिविर, “ऑनर रन” मैराथन, साइकिल रैलियां और “अपनी सेना को जानें” प्रदर्शनियां शामिल होंगी। इन आयोजनों का मकसद लोगों, खासकर युवाओं को सेना की भूमिका, उपकरणों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देना है, ताकि वे सेना के महत्व और योगदान को गहराई से समझ सकें।
मुख्य परेड 15 जनवरी 2026 को आयोजित होगी, जिसमें दर्शकों को भारतीय सेना की विभिन्न टुकड़ियों और हथियारों का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। परेड में पैदल सेना (इन्फेंट्री), टैंक, तोप, मिसाइल, आर्मी बैंड और मोटरसाइकिल स्टंट शामिल होंगे। ये प्रदर्शन सेना की सामरिक क्षमता और प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करेंगे। मोटरसाइकिल स्टंट टीम अपने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित करेगी, वहीं भारी टैंकों और आधुनिक मिसाइल प्रणालियों का प्रदर्शन भारत की रक्षा ताकत का स्पष्ट संदेश देगा।
परेड के साथ-साथ शाम को “शौर्य संध्या” का आयोजन भी होगा, जिसमें सैन्य बैंड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत और राजस्थान के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। यह शाम सेना के शौर्य और राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा का संगम होगी। आयोजन में देश-विदेश से आए पर्यटकों, स्कूली और कॉलेज के छात्रों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों की बड़ी संख्या में भागीदारी अपेक्षित है।
यह आयोजन न केवल सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। जयपुर, जो पहले से ही अपने किलों, महलों और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और पहचान बनाएगा—भारतीय सेना के शौर्य और गौरव का गवाह बनकर।