मनीषा शर्मा। राजस्थान कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। लंबे समय से संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रही इस कवायद में अब अंतिम निर्णय लेने की तैयारी है। पार्टी के पर्यवेक्षकों (Observers) ने राज्य के विभिन्न जिलों में रायशुमारी पूरी कर ली है और प्रत्येक जिले से छह-छह नामों का पैनल तैयार किया गया है।
दिल्ली में वेणुगोपाल की मैराथन बैठक
आज शुक्रवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय पर इन पैनलों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल होंगे।
बैठक का मकसद पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार किए गए पैनलों पर अंतिम विचार करना और जिलों के लिए उपयुक्त नाम तय करना है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में जिलों के छह नामों वाले पैनल को घटाकर तीन नामों का अंतिम पैनल तैयार किया जाएगा।
राहुल गांधी को भेजा जाएगा अंतिम पैनल
सूत्रों के अनुसार, केसी वेणुगोपाल द्वारा तैयार किए गए तीन नामों वाले इन पैनलों को राहुल गांधी के पास भेजा जाएगा। राहुल गांधी प्रत्येक जिले के पैनल में से एक नाम पर अंतिम निर्णय लेंगे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी और उसके बाद नए जिलाध्यक्षों की घोषणा औपचारिक रूप से कर दी जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संगठन को जिला स्तर पर नई ऊर्जा और संतुलन के साथ मजबूत बनाना है। कांग्रेस नेतृत्व इस बार युवाओं, महिलाओं और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता देने की दिशा में काम कर रहा है।
दावेदारों की दिल्ली दौड़ तेज
जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दावेदारों की दिवाली के बाद से दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। कई दावेदार दिल्ली पहुंच चुके हैं और अपने पसंदीदा नेताओं से संपर्क कर पैरवी करने की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली में मौजूद दावेदारों का फोकस अपने नाम को पैनल में बनाए रखने पर है। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अपने समर्थकों के लिए संगठनात्मक अनुभव, जनाधार और क्षेत्रीय संतुलन का हवाला देते हुए पैरवी शुरू कर दी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में पुराने पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को मौका देने की संभावना है। वहीं कुछ जिलों में पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन साधने की कोशिश होगी ताकि स्थानीय असंतोष को टाला जा सके।
48 जिलों में प्रक्रिया पूरी, दो में लंबित
राजस्थान में कांग्रेस संगठन के तहत कुल 50 जिले हैं, लेकिन अब तक 48 जिलों में ही पर्यवेक्षक रायशुमारी कर पाए हैं। बारां और झालावाड़ जिलों में यह प्रक्रिया अभी अधूरी है।
दरअसल, बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के चलते इन दोनों जिलों में रायशुमारी फिलहाल रोक दी गई है। उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां भी चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कांग्रेस संगठन को नया रूप देने की तैयारी
कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान, राजस्थान में पार्टी के पुनर्गठन और 2028 विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जिला स्तर पर संगठनात्मक मजबूती से पार्टी की जमीनी पकड़ और जनसंपर्क दोनों में सुधार आएगा।
नई नियुक्तियों के साथ पार्टी उन जिलों पर विशेष ध्यान दे रही है जहां 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे। ऐसे जिलों में नए, सक्रिय और संगठनात्मक रूप से सक्षम नेताओं को पद सौंपने की तैयारी है।
एक सप्ताह में घोषणा की संभावना
केसी वेणुगोपाल और राहुल गांधी द्वारा अंतिम निर्णय लेने के बाद, अगले सप्ताह तक जिलाध्यक्षों की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया के बाद प्रदेश कांग्रेस के सभी 50 जिलों में नई टीमों की घोषणा कर दी जाएगी, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों में नई गति आएगी।


