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RPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती: 574 पदों पर आज से आवेदन शुरू

RPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती: 574 पदों पर आज से आवेदन शुरू

शोभना शर्मा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने कॉलेज शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 574 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी आज से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2025 तय की गई है। आयोग की ओर से यह भर्ती सेवा नियमों में हुए बदलाव के बाद फिर से निकाली गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी इन्हीं पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था।

सेवा नियमों में बदलाव के बाद नई वैकेंसी

RPSC ने स्पष्ट किया है कि पदों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, अभ्यर्थियों को पूर्व के आवेदन मान्य नहीं होंगे, इसलिए उन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा। इस बार भर्ती परीक्षा में चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में अहम संशोधन किए गए हैं।

आयु सीमा और पात्रता

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 1 जुलाई 2025 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। पिछली बार लगभग पौने दो लाख उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था।

परीक्षा का शेड्यूल

RPSC ने परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी है। यह परीक्षा 1 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। विस्तृत पाठ्यक्रम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द जारी किया जाएगा। उम्मीदवारों को इसकी तैयारी समय से करने की सलाह दी गई है।

न्यूनतम अंकों का नियम

कार्मिक विभाग के नए निर्देशों के तहत अब अभ्यर्थियों को तीनों पेपर में अलग-अलग न्यूनतम 36 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। इसके साथ ही कुल मिलाकर कम से कम 40 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। यह नियम सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों पर लागू होगा। आरक्षित वर्गों को इसमें 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले मेरिट सूची में ऐसे अभ्यर्थी भी चयनित हो जाते थे, जिनके अंक बेहद कम या नकारात्मक होते थे। नए नियम से इस स्थिति पर रोक लगेगी।

चयन की प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी और सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्केलिंग, मॉडरेशन या नॉर्मलाइजेशन (सामान्यीकरण) पद्धति से किया जा सकता है।

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