एपल (Apple) के चाहने वालों के लिए लंबे समय से जिस डिवाइस का इंतजार किया जा रहा है, उससे जुड़ी अब तक की सबसे ठोस जानकारी सामने आई है। दिग्गज टेक एनालिस्ट जेफ पु ने निवेशकों के लिए जारी एक नोट में एपल के पहले फोल्डेबल आईफोन को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह डिवाइस साल 2026 में बाजार में उतारा जा सकता है। अब तक एपल ने फोल्डेबल स्मार्टफोन से दूरी बनाए रखी थी, जबकि सैमसंग और गूगल जैसे ब्रांड इस सेगमेंट में पहले ही अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। ऐसे में एपल का यह कदम कंपनी की रणनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
डिजाइन में मिलेगा आईपैड मिनी जैसा अनुभव
जेफ पु की रिपोर्ट के अनुसार, एपल का पहला फोल्डेबल आईफोन डिजाइन के मामले में काफी हद तक आईपैड मिनी जैसा हो सकता है। फोन को खोलने पर यह एक छोटे टैबलेट का अनुभव देगा, जिससे यूजर्स को मल्टीटास्किंग, वीडियो देखने और रीडिंग जैसे कामों में ज्यादा सहूलियत मिलेगी। डिजाइन को प्रीमियम और मजबूत बनाने के लिए एपल इसमें खास मैटेरियल का इस्तेमाल करने जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस फोल्डेबल आईफोन के हिंज यानी मुड़ने वाले हिस्से में लिक्विड मेटल का उपयोग किया जाएगा। इससे फोन को बार-बार मोड़ने पर भी उसकी मजबूती बनी रहेगी और लंबे समय तक इस्तेमाल में किसी तरह की ढीलापन की समस्या नहीं आएगी।
दो डिस्प्ले के साथ आएगा फोल्डेबल आईफोन
एनालिस्ट के मुताबिक, इस फोल्डेबल आईफोन में दो अलग-अलग डिस्प्ले दिए जाएंगे। फोन के बाहर की तरफ 5.3 इंच का कवर डिस्प्ले होगा, जिसे फोल्ड की स्थिति में सामान्य स्मार्टफोन की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं, फोन को पूरी तरह खोलने पर अंदर की ओर 7.8 इंच की बड़ी मेन डिस्प्ले मिलेगी। यह स्क्रीन टैबलेट जैसा अनुभव देगी और कंटेंट कंजम्पशन के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। माना जा रहा है कि एपल इस डिस्प्ले में हाई रिफ्रेश रेट और बेहतर ब्राइटनेस जैसी खूबियां भी देगा, ताकि प्रीमियम यूजर एक्सपीरियंस सुनिश्चित किया जा सके।
एल्युमीनियम और टाइटेनियम बॉडी पर फोकस
एपल अपने प्रीमियम डिवाइसेज में मजबूत और हल्के मटेरियल के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, फोल्डेबल आईफोन की बॉडी एल्युमीनियम और टाइटेनियम से तैयार की जाएगी।
टाइटेनियम का इस्तेमाल खासतौर पर हिंज और फ्रेम में किया जाएगा, जिससे डिवाइस ज्यादा मजबूत हो सके। इसके साथ ही लिक्विड मेटल टेक्नोलॉजी फोन की ड्यूरेबिलिटी को और बेहतर बनाएगी। यह वही रणनीति है, जिसे एपल लंबे समय से अपनाता आया है, यानी डिजाइन में देरी लेकिन क्वालिटी से कोई समझौता नहीं।
फेस आईडी नहीं, टच आईडी की एंट्री
इस फोल्डेबल आईफोन का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसकी सिक्योरिटी तकनीक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, एपल इस डिवाइस में फेस आईडी की बजाय टच आईडी दे सकता है। आमतौर पर एपल के प्रीमियम आईफोन्स में फेस आईडी को स्टैंडर्ड फीचर माना जाता है, लेकिन फोल्डेबल डिजाइन की वजह से कंपनी टच आईडी को प्राथमिकता दे सकती है। माना जा रहा है कि यह टच आईडी साइड बटन या पावर बटन में इंटीग्रेट की जा सकती है। हालांकि, टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेस आईडी की गैरमौजूदगी कुछ यूजर्स के लिए निराशाजनक हो सकती है, क्योंकि फेस आईडी को ज्यादा एडवांस और सुरक्षित माना जाता है।
कैमरा सेटअप में भी दमदार कॉन्फिगरेशन
कैमरा सेक्शन में भी एपल कोई समझौता नहीं करने वाला है। जेफ पु के मुताबिक, फोल्डेबल आईफोन में दो फ्रंट-फेसिंग 18 मेगापिक्सल के कैमरे दिए जा सकते हैं। इनमें से एक कैमरा अंदर वाली बड़ी डिस्प्ले पर होगा, जबकि दूसरा बाहर की स्क्रीन पर मौजूद रहेगा। रियर कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें 48 मेगापिक्सल के दो सेंसर के साथ डुअल कैमरा सिस्टम दिया जा सकता है। यह सेटअप फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग के मामले में मौजूदा आईफोन्स के बराबर या उससे बेहतर परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा।
कीमत सुनकर हो सकते हैं हैरान
एपल के इस पहले फोल्डेबल आईफोन की कीमत इसे बेहद प्रीमियम कैटेगरी में ले जा सकती है। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन लीक्स और मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक इसकी कीमत 2,000 डॉलर से 2,399 डॉलर के बीच हो सकती है। भारतीय करेंसी में देखें तो यह कीमत करीब 1.81 लाख रुपये से लेकर 2.17 लाख रुपये तक जा सकती है। साफ है कि यह फोन आम आईफोन यूजर्स के लिए नहीं, बल्कि अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट को टारगेट करेगा।
सैमसंग और गूगल से सीधा मुकाबला
फोल्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में सैमसंग और गूगल पहले से मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। सैमसंग की गैलेक्सी जेड फोल्ड सीरीज इस सेगमेंट में सबसे आगे मानी जाती है और कंपनी का ग्लोबल मार्केट शेयर करीब 35.4 प्रतिशत बताया जाता है। गूगल भी पिक्सल फोल्ड के जरिए इस रेस में शामिल हो चुका है। ऐसे में एपल करीब पांच साल की देरी से इस सेगमेंट में एंट्री करेगा। हालांकि, एपल की ब्रांड वैल्यू और इकोसिस्टम को देखते हुए माना जा रहा है कि कंपनी देर से आने के बावजूद बड़ा असर डाल सकती है।
क्या फोल्डेबल आईफोन बदलेगा बाजार की दिशा
एपल का पहला फोल्डेबल आईफोन केवल एक नया डिवाइस नहीं, बल्कि स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अगर कंपनी अपनी क्वालिटी और इनोवेशन के वादे पर खरी उतरती है, तो यह डिवाइस फोल्डेबल फोन मार्केट को नई दिशा दे सकता है। अब सबकी निगाहें 2026 पर टिकी हैं, जब एपल आधिकारिक तौर पर अपने पहले फोल्डेबल आईफोन से पर्दा उठा सकता है।


