शोभना शर्मा। राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का प्रचार शनिवार शाम 6 बजे थम गया। अब प्रत्याशियों के पास केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने का समय बचा है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद अब किसी भी उम्मीदवार द्वारा सार्वजनिक सभा या रोड शो आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
अंता उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से जांच और नाम वापसी के बाद 15 प्रत्याशी अब मैदान में हैं। यह सीट हमेशा से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबले के लिए जानी जाती रही है।
मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच
इस उपचुनाव में भाजपा ने बारां के प्रधान मोरपाल सुमन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर दोबारा भरोसा जताया है। दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा। इसके अलावा निर्दलीय नरेश मीणा जैसे बागी उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों को दिलचस्प बना रहे हैं।
प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में क्षेत्र के गांवों और कस्बों में रैलियों, जनसभाओं और डोर-टू-डोर कैंपेन चलाए।
मतदान और मतगणना की तैयारियां पूरी
निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2,28,264 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,16,783 पुरुष, 1,11,477 महिलाएं और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।
मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा, जबकि गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त, सीएपीएफ की तैनाती
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर मतदान केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात रहेंगे।
इसके अलावा प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए
12 क्विक रेस्पॉन्स टीम
43 मोबाइल पार्टियां
43 सेक्टर मजिस्ट्रेट
12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी
12 एरिया मजिस्ट्रेट
4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक
4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
तैनात किए हैं।
सीमा पार से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए 13 अंतरराज्यीय नाके और 5 अंतर जिला नाके सक्रिय रखे गए हैं। इन स्थानों पर लगातार चेकिंग की जा रही है।
शस्त्र जमा और कार्रवाई पर सख्ती
मतदान के दौरान भयमुक्त माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 4,262 लाइसेंसी शस्त्र जमा कराए हैं। इसके साथ ही नाकाबंदी के दौरान 8 अवैध हथियार और 5 कारतूस जब्त किए गए हैं।
इसके अलावा, 1,134 असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है, जबकि 2,716 व्यक्तियों को मुचलकों पर पाबंद किया गया है।
21 करोड़ की जब्ती, आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 21 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक की सामग्री और नकदी जब्त की गई है।
इसमें शामिल हैं—
अवैध शराब: ₹19.27 लाख
नशीले पदार्थ: ₹35.46 लाख
फ्रीबीज़ व अन्य सामग्री: ₹20.55 करोड़
नकद राशि: ₹11.34 लाख


