मनीषा शर्मा। टेस्ला और XAI के फाउंडर एलन मस्क अक्सर अपने बयानों और ट्वीट्स से चर्चाओं में रहते हैं। इस बार मस्क ने QR कोड मेन्यू सिस्टम को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें QR कोड बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं और वे कभी भी QR कोड से खाना ऑर्डर नहीं करेंगे। मस्क का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स (X)’ पर वायरल हो गया है। कई यूजर्स मस्क के समर्थन में उतरे, वहीं कुछ ने कहा कि QR कोड आज के समय की सबसे आसान और सस्ती तकनीक है।
मस्क का ट्वीट – “I hate QR codes”
दरअसल, एक स्वीडिश पत्रकार पीटर इमानुएल्सन ने एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने रेस्तरां में QR कोड मेन्यू को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसी पोस्ट के जवाब में मस्क ने लिखा –“I hate QR codes. I just won’t order from them.” (मुझे QR कोड से नफरत है, मैं इससे कभी ऑर्डर नहीं करूंगा।)
मस्क का इशारा उन रेस्तरां के डिजिटल मेन्यू सिस्टम्स की ओर था, जहां QR कोड स्कैन करके ग्राहक अपने मोबाइल पर मेन्यू देखते हैं और ऑर्डर करते हैं।
क्यों हुआ QR कोड इतना लोकप्रिय
कोविड-19 महामारी के दौरान QR कोड मेन्यू सिस्टम ने रेस्तरां और कैफे में तेजी से जगह बना ली थी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह था कि ग्राहकों को किसी फिजिकल मेन्यू कार्ड को छूना नहीं पड़ता था, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता था। इसके अलावा, रेस्तरां मालिकों के लिए भी यह सस्ता और सुविधाजनक था, क्योंकि हर बार मेन्यू प्रिंट कराने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वे बस अपने ऑनलाइन मेन्यू को अपडेट करते और QR कोड वही रहता था। लेकिन अब, कई ग्राहकों को यह तकनीक थकाऊ और गैर-जरूरी लगने लगी है।
लोगों ने मस्क से पूछा – तो फिर विकल्प क्या है?
मस्क के ट्वीट के बाद एक्स पर कई यूजर्स ने उनसे सवाल किया कि अगर उन्हें QR कोड पसंद नहीं, तो इसका विकल्प क्या होना चाहिए? एक यूजर ने मस्क को टैग करते हुए सुझाव दिया – “आप एक वॉइस मेन्यू सिस्टम बना सकते हैं, जिसमें ग्राहक बोलकर ऑर्डर कर सकें।” यूजर ने इसका नाम ‘Grok Voice Menu’ रखने का सुझाव दिया, जो मस्क की AI कंपनी xAI के Grok चैटबॉट पर आधारित हो सकता है। दूसरे यूजर ने लिखा – “QR कोड को और आकर्षक बनाया जा सकता है। अगर इन्हें स्माइली या किसी डिजाइन के अंदर छिपाया जाए, तो यह देखने में बेहतर लगेंगे और आंखों में नहीं चुभेंगे।”
सोशल मीडिया पर मस्क के समर्थन और विरोध दोनों
मस्क के बयान के बाद एक्स पर QR कोड को लेकर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने कहा कि QR कोड उनकी जिंदगी को आसान बनाते हैं। एक यूजर ने लिखा –“QR कोड से रेस्तरां को खर्च नहीं करना पड़ता और ग्राहक को मोबाइल से ही पूरा मेन्यू दिख जाता है। यह सबसे आसान तरीका है।” वहीं, कुछ लोगों ने मस्क का समर्थन करते हुए कहा कि QR कोड देखने में खराब लगते हैं और इससे भोजन अनुभव बिगड़ता है। एक यूजर ने लिखा – “वेबसाइट पर QR कोड लगाना बहुत अजीब है। मैं अपने फोन से वेबसाइट देख रहा हूं, तो उसी फोन से इसे स्कैन कैसे करूं?”
रेस्तरां उद्योग का नजरिया
कई रेस्तरां मालिकों का मानना है कि QR कोड उनकी लागत को कम करने में मददगार हैं। पहले जहां मेन्यू कार्ड्स को बार-बार प्रिंट करवाना पड़ता था, अब एक QR कोड से डिजिटल अपडेट्स करना आसान हो गया है। मगर, कई ग्राहक इसे “अनौपचारिक” और “तकनीकी झंझट” मानते हैं, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए। विशेषज्ञों का कहना है कि QR कोड तकनीक को यूजर फ्रेंडली और डिजाइन आधारित बनाकर ग्राहकों का अनुभव बेहतर किया जा सकता है।
क्या मस्क QR कोड का विकल्प ला सकते हैं?
मस्क की कंपनियों के इतिहास को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे QR कोड के विकल्प पर काम कर सकते हैं। मस्क पहले भी जब किसी तकनीक से असंतुष्ट रहे हैं, तो उन्होंने बेहतर विकल्प पेश किया है — जैसे X (Twitter) को रीब्रांड करना, xAI लॉन्च करना, और टेस्ला की स्वचालित ड्राइविंग तकनीक को आगे बढ़ाना।कुछ टेक विश्लेषक मानते हैं कि मस्क भविष्य में AI-आधारित वॉइस इंटरफेस या विजुअल ऑर्डरिंग सिस्टम पर काम कर सकते हैं, जो QR कोड की जगह ले सकेगा।


