मनीषा शर्मा, अजमेर। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस (RJS) परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसमें अजमेर के तीन युवा राजेश बजाड़, निकिता जैन और स्वाति तोलम्बियां का चयन हुआ है। तीनों के चयन से उनके परिवारों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और सभी को बधाई दी जा रही है।
राजेश बजाड़: दूसरे प्रयास में मिली सफलता
राजेश बजाड़ (25) अजमेर के बलदेव नगर के निवासी हैं। वे राजस्थान लोक सेवा आयोग में जूनियर लीगल ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें RJS में 220वीं रैंक प्राप्त हुई है। राजेश के पिता गिरधारी लाल बजाड़ एक रीड राइटर हैं, जबकि उनकी मां हरिदेवी गृहिणी हैं। राजेश ने आरजेएस की तैयारी में अपनी मेहनत को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह उनका दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की। पहले प्रयास में वे इंटरव्यू में रह गए थे। राजेश ने अपने परिवार के समर्थन और खुद की कड़ी मेहनत को इस सफलता का कारण बताया।
स्वाति तोलम्बियां: पहले ही प्रयास में मिली सफलता
अजमेर के बलदेव नगर में रहने वाली स्वाति तोलम्बियां का चयन RJS में 24वीं रैंक पर हुआ है। वर्तमान में वकालत कर रही स्वाति का यह पहला प्रयास था। उनके पिता रामानंद टेलर क्लॉथ मर्चेंट हैं और मां गृहिणी हैं। स्वाति ने नियमित पढ़ाई और अनुशासन को सफलता का मूलमंत्र बताया। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता को दिया। स्वाति का मानना है कि अगर मेहनत और लगन के साथ तैयारी की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
निकिता जैन: हाई सिक्योरिटी जेल की जेएलओ से बनी सिविल जज
राज्य की एकमात्र हाई सिक्योरिटी जेल में कनिष्ठ विधि अधिकारी के पद पर कार्यरत निकिता जैन का चयन भी सिविल जज पद के लिए हो गया है। निकिता की 117वीं रैंक आई है और वे बाड़मेर की मूल निवासी हैं। निकिता ने इसी वर्ष जुलाई में कनिष्ठ विधि अधिकारी के पद पर कार्यभार संभाला था और जेल प्रशिक्षण संस्थान में अतिथि व्याख्याता के रूप में सुधारात्मक विधि का अध्यापन भी करवा रही थीं। उनके चयन से हाई सिक्योरिटी जेल और कारागार प्रशिक्षण संस्थान के स्टाफ में भी खुशी का माहौल है। निकिता के पिता भगवान दास जैन और माता पुष्पा देवी ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया है।
राजस्थान न्यायिक सेवा के लिए चयन और अजमेर का गर्व
राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस (RJS) में चयन होने के बाद राजेश, निकिता और स्वाति ने अजमेर का नाम रोशन किया है। उनके परिवार, मित्र और शुभचिंतक सभी ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताया है। अजमेर से निकले इन तीनों युवाओं ने न केवल अपने परिवार का नाम ऊँचा किया है, बल्कि अपने जिले को भी गौरवान्वित किया है। इन तीनों ने अपनी मेहनत और समर्पण से दिखा दिया कि कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए लगन और धैर्य जरूरी हैं।
राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस (RJS) का महत्व
राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस (RJS) परीक्षा राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा आयोजित की जाती है और इसमें सफलता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को सिविल जज के पद पर नियुक्त किया जाता है। यह सेवा राज्य में न्यायिक तंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राजेश बजाड़, निकिता जैन और स्वाति तोलम्बियां ने राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस (RJS) परीक्षा में सफलता पाकर जिले का मान बढ़ाया है। इनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे अजमेर के लिए गर्व की बात है। इन युवाओं ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।


