शोभना शर्मा। राजस्थान के अजमेर शहर में बने ‘सेवन वंडर्स प्रोजेक्ट’ की अंतिम संरचना भी अब इतिहास बन चुकी है। आनासागर झील वेटलैंड क्षेत्र में स्थापित ‘पीसा की झुकी हुई मीनार’ (Leaning Tower of Pisa replica) को बुधवार रात बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेशों के तहत की गई।
अधिकारियों ने लगाए धार्मिक नारे
प्रतिकृति को गिराने के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने “जय श्रीराम” और “बालाजी महाराज की जय” के नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने तालियां बजाईं और एक-दूसरे से हाथ मिलाकर संतोष जताया। मीनार को गिरते देख अधिकारियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
सुप्रीम कोर्ट और NGT के आदेश से सेवन वंडर्स पर कार्रवाई
सेवन वंडर्स प्रोजेक्ट के तहत आनासागर वेटलैंड क्षेत्र में बनाई गई इन प्रतिकृतियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट और NGT ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यह निर्माण वेटलैंड क्षेत्र में अवैध है और इसे हटाना होगा। सरकार ने मार्च 2025 में अदालत में हलफनामा देकर आश्वासन दिया था कि छह महीने के भीतर सभी संरचनाओं को हटा दिया जाएगा। यह समयसीमा 17 सितंबर को समाप्त हो चुकी थी। उसी क्रम में अब ‘पीसा की मीनार’ की प्रतिकृति को भी ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि, अभी तक इस मामले में नया हलफनामा कोर्ट में पेश नहीं किया गया है और न ही आगे की सुनवाई की तारीख तय हुई है।
12 करोड़ की लागत से बने प्रतीक अब जमींदोज
इस प्रोजेक्ट पर लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत आई थी। इसमें दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां बनाई गई थीं। इनमें ताजमहल, एफिल टॉवर, रोम का कोलोसियम, मिस्र के पिरामिड, स्टेचू ऑफ लिबर्टी, क्राइस्ट द रिडीमर और पीसा की मीनार शामिल थीं। पहले ही ताजमहल, एफिल टॉवर और अन्य संरचनाओं को गिरा दिया गया था। अब अंतिम संरचना ‘पीसा की मीनार’ को भी जमींदोज कर दिया गया।
शहरवासी इस पर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट टैक्स के पैसों से तैयार हुआ था और आज यह पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इससे जनता के पैसे का सीधा नुकसान हुआ है।
जनता का सवाल: किसकी जिम्मेदारी?
अजमेर के नागरिकों का कहना है कि जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी, तब प्रशासन ने इसे शहर की पहचान और पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बताया था। लेकिन अदालत के आदेश के बाद इसे ध्वस्त करना पड़ा। आम लोगों का कहना है कि अगर यह निर्माण पहले से ही वेटलैंड क्षेत्र में अवैध था, तो इसकी अनुमति क्यों दी गई? अब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद इसे गिरा देना जनता के साथ अन्याय है।
क्या है असली पीसा की मीनार
ध्वस्त की गई यह संरचना इटली के प्रसिद्ध पीसा शहर में स्थित ‘लीनिंग टॉवर ऑफ पीसा’ की प्रतिकृति थी। वास्तविक मीनार एक गिरजाघर परिसर का हिस्सा है और इसे कैथेड्रल ऑफ सेंट मैरी ऑफ द एसम्पशन का घंटाघर माना जाता है। यह अपने चार डिग्री झुकाव के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हालांकि इसे आधुनिक सात अजूबों की सूची में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन यह विश्व धरोहर स्थलों में शुमार है और हर साल लाखों पर्यटक इसे देखने जाते हैं।


