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प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर अजमेर को मिली लेपर्ड सफारी की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर अजमेर को मिली लेपर्ड सफारी की सौगात

शोभना शर्मा,अजमेर।  अजमेर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पर्यावरणीय पर्यटन का एक नया तोहफा मिला है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शहर के काजीपुरा गांव में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी परियोजना से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस परियोजना के शुरुआती चरण पर 5.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि कुल लागत लगभग 20 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।

गंगा-भैरव घाटी बनेगी लेपर्ड सफारी

अजमेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से एक बड़े पर्यावरणीय पर्यटन स्थल की कमी महसूस की जा रही थी। अब शहर के काजीपुरा, खरेखड़ी, अजयसर और आसपास के गांवों में फैली गंगा-भैरव घाटी को लेपर्ड सफारी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह सफारी झालना, रणथम्भौर, सरिस्का, रावली-टॉडगढ़ और जवाई बांध की तर्ज पर बनाई जाएगी। इस घाटी में पर्यटक तेंदुओं को नजदीक से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करेंगे। साथ ही, यहां की प्राकृतिक सुंदरता के बीच ट्रेकिंग का भी आनंद ले सकेंगे। सफारी के दौरान पर्यटक सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों जैसे अस्तबल, सैनिक छावनी और अन्य स्मृति स्थलों को भी देख सकेंगे।

पर्यटकों के लिए सुविधाएं

परियोजना के तहत घाटी में नए ट्रैक और रूट बनाए जाएंगे ताकि पर्यटकों को सुगम आवाजाही मिल सके। यहां टिकट खिड़की, रेस्ट प्वाइंट्स, अल्पाहार केंद्र, सेल्फी प्वाइंट्स और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खास बात यह है कि ट्रेक पर घूमने आने वाले श्रद्धालु भी चामुंडा माता और भैरव मंदिर के दर्शन के साथ इन सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे। वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस सफारी से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होंगे। सफारी के माध्यम से अजमेर को एक नई पहचान पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी।

अजमेर में पर्यटन का विस्तार

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि अजमेर पहले से ही एक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां अजमेर शरीफ दरगाह और पुष्कर जैसे विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल मौजूद हैं। अब लेपर्ड सफारी से यह शहर पर्यावरणीय पर्यटन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि अजमेर के लिए लगभग 40 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से कई को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें साइंस पार्क का निर्माण, वरुणसागर का सौंदर्यीकरण, अजमेर एंट्रेंस प्लाजा और अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में शहर का पर्यटन और समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री और वन मंत्री से चर्चा

देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री और वन मंत्री से इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई है। सरकार ने पर्यावरण और पर्यटन के संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसे प्राथमिकता दी है। सफारी को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और जंगली जीवन का अनूठा अनुभव मिल सके।

स्थानीयों को मिलेगा लाभ

गंगा-भैरव घाटी में लेपर्ड सफारी के विकास से जहां पर्यटक आकर्षित होंगे, वहीं स्थानीय समुदाय को भी बड़ा लाभ होगा। ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही, स्थानीय उत्पादों और सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

अजमेर को मिलेगी नई पहचान

देवनानी ने कहा कि अजमेर में फिलहाल कोई बड़ा इको-टूरिज्म हब उपलब्ध नहीं है। लेपर्ड सफारी बनने से यहां आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। इससे न केवल अजमेर बल्कि आसपास के गांव भी पर्यटन मानचित्र पर उभरेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अजमेर में स्पोर्ट्स कॉलेज और सैनिक स्कूल खोले जा रहे हैं, जिससे शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी शहर को एक नई दिशा मिलेगी।

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