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अजमेर बोराड़ा हत्याकांड: बेटे ने मां और बहन संग रची खौफनाक साजिश

अजमेर बोराड़ा हत्याकांड: बेटे ने मां और बहन संग रची खौफनाक साजिश

अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया पूर्व सरपंच परिवार का सामूहिक हत्याकांड पूरे राजस्थान को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। जिस घटना को शुरुआती दौर में एक दर्दनाक कार हादसा और अग्निकांड बताया जा रहा था, वह पुलिस जांच में रिश्तों, लालच और नफरत से जुड़ी एक बेहद खौफनाक साजिश बनकर सामने आई। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड परिवार का ही नाबालिग बेटा निकला, जिसने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस के अनुसार यह वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी तैयारी पिछले कई महीनों से चल रही थी। आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से पूरी योजना बनाई और फिर उसे अंजाम दिया। घटना अजमेर के कासिर रोड स्थित एक सुनसान फार्म हाउस में हुई, जहां पूर्व सरपंच रामसिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। फार्म हाउस आसपास आबादी से दूर था, जिसके कारण रात के समय वहां होने वाली गतिविधियों की भनक किसी बाहरी व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकती थी।

जांच में सामने आया कि घटना वाली रात रामसिंह अपने साथ दो बीयर की बोतलें लेकर घर आया था। देर रात तक परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों में चले गए। रामसिंह भी शराब पीने के बाद अपनी दूसरी पत्नी सुरज्ञान के साथ कमरे में सो गया। इसी दौरान उसका नाबालिग बेटा मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलता रहा और परिवार के बाकी लोगों के गहरी नींद में जाने का इंतजार करता रहा।

करीब रात दो बजे आरोपी बेटे ने अपने पिता के कमरे में प्रवेश किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसने पहले से तय कर रखा था कि हमला किस जगह किया जाए ताकि शोर न मचे। उसने सीधे रामसिंह के कान के पास चाकू से हमला किया। वार इतना घातक था कि रामसिंह को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हालांकि, कमरे में मौजूद दूसरी पत्नी सुरज्ञान की नींद खुल गई। उसने आरोपी से चाकू छीनने की कोशिश की और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी दौरान पहले से तैयार योजना के अनुसार पहली पत्नी सुनीता और उसकी बेटी भी कमरे में पहुंच गईं। तीनों ने मिलकर सुरज्ञान को काबू में किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जिंदा न बचे जो बाद में उनके खिलाफ गवाही दे सके।

कमरे में हो रही चीख-पुकार सुनकर रामसिंह की बुजुर्ग मां पूसी देवी और उसकी 30 वर्षीय भांजी महिमा भी वहां पहुंच गईं। कमरे का दृश्य देखकर महिमा घबरा गई और चिल्लाने लगी। आरोपियों को डर था कि अब पूरी घटना उजागर हो सकती है। इसी डर में उन्होंने महिमा पर भी हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बुजुर्ग मां पूसी देवी को भी मौत के घाट उतार दिया गया। कुछ ही मिनटों में एक ही परिवार के चार सदस्य खून से लथपथ पड़े थे और पूरा कमरा कत्लगाह में बदल चुका था।

पुलिस जांच में महिमा की हत्या के पीछे की वजह भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि महिमा परिवार के आर्थिक मामलों और जमीन से जुड़े लेन-देन को संभालती थी। रामसिंह को उस पर काफी भरोसा था और बैंक खातों से लेकर संपत्ति के कागजात तक की जिम्मेदारी उसी के पास रहती थी। आरोपी पक्ष को शक था कि महिमा और सुरज्ञान मिलकर संपत्ति पर कब्जा करना चाहती हैं। इसी कारण परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था और यही तनाव आखिरकार सामूहिक हत्या की वजह बन गया।

चारों हत्याएं करने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की योजना पर काम शुरू किया। तड़के करीब चार बजे चारों शवों को घसीटकर रामसिंह की स्कॉर्पियो कार में रखा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी बेटा खुद गाड़ी चलाकर फार्म हाउस से करीब 500 मीटर दूर अराई रोड तक ले गया। वहां सड़क किनारे गाड़ी को नीचे उतारकर उसमें डीजल छिड़का गया और फिर आग लगा दी गई। आरोपियों की कोशिश थी कि पुलिस इसे सामान्य कार हादसा या शॉर्ट सर्किट से लगी आग समझे।

घटना को हादसा साबित करने के बाद आरोपी वापस फार्म हाउस लौट आए और सामान्य व्यवहार करने लगे। सुबह जब स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी परिवार के सदस्य रोने-बिलखने का नाटक कर रहे थे। हालांकि पुलिस को शुरुआत से ही कुछ गतिविधियां संदिग्ध लगीं। खास तौर पर आरोपी बेटे का सामान्य व्यवहार और घटना के तुरंत बाद उसका चाय पीते हुए दिखाई देना पुलिस अधिकारियों के शक को गहरा कर गया।

पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल, घटनास्थल की परिस्थितियां और आरोपियों की गतिविधियों का मिलान किया तो पूरी साजिश धीरे-धीरे सामने आने लगी। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि एक बेटा अपनी ही मां और बहन के साथ मिलकर इतनी निर्मम वारदात को अंजाम दे सकता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है। संपत्ति विवाद, पारिवारिक तनाव और आर्थिक नियंत्रण को इस सामूहिक हत्याकांड की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। अजमेर का यह मामला राजस्थान के सबसे सनसनीखेज पारिवारिक अपराधों में गिना जा रहा है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

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