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एयरटेल नेटवर्क आउटेज 2025: मोबाइल कॉल और इंटरनेट सेवाएं ठप

एयरटेल नेटवर्क आउटेज 2025: मोबाइल कॉल और इंटरनेट सेवाएं ठप

शोभना शर्मा। सोमवार का दिन एयरटेल ग्राहकों के लिए मुश्किलों से भरा रहा, जब अचानक देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की मोबाइल सेवाएं ठप हो गईं। हजारों यूज़र्स ने कॉल करने में दिक्कत, इंटरनेट न चलने और सिग्नल गायब होने जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कीं। तकनीकी गड़बड़ियों पर नज़र रखने वाली एक वेबसाइट ने शाम करीब 4:32 बजे तक एयरटेल नेटवर्क में 3,600 से ज्यादा आउटेज रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की।

इस आउटेज का असर सबसे ज्यादा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में देखा गया, जहां ग्राहकों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर अपनी परेशानी साझा की। कई यूज़र्स ने लिखा कि न तो वे कॉल कर पा रहे हैं और न ही मोबाइल डेटा काम कर रहा है। इससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हुई और खासकर उन लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा, जिनका काम पूरी तरह मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर है।

कंपनी की सफाई और आश्वासन

ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों के बीच एयरटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने लिखा, “हम फिलहाल नेटवर्क आउटेज का सामना कर रहे हैं। हमारी तकनीकी टीम इस समस्या को हल करने और सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटी है। हुई असुविधा के लिए हम माफ़ी मांगते हैं।” एयरटेल ने भले ही समस्या स्वीकार की और समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन यूज़र्स की नाराज़गी थमी नहीं। कई ग्राहकों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कंपनी बार-बार नेटवर्क इश्यूज को कैसे नज़रअंदाज कर सकती है। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि बार-बार आउटेज होने से उनकी विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।

नेटवर्क आउटेज क्या होता है?

नेटवर्क आउटेज का मतलब है जब किसी टेलीकॉम कंपनी की सेवाएं अचानक सही से काम करना बंद कर देती हैं। इसमें कॉल ड्रॉप, इंटरनेट न चलना या नेटवर्क गायब हो जाना जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। सरल शब्दों में कहें तो आउटेज एक ऐसी स्थिति है जब कंपनी की सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो जाती हैं और यूज़र्स का अनुभव प्रभावित होता है।

आउटेज की संभावित वजहें

एयरटेल ने इस बार आउटेज की वजह साफ़ तौर पर नहीं बताई, लेकिन टेलीकॉम सेक्टर के विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कभी यह सर्वर डाउन होने या सॉफ्टवेयर खराबी के कारण होता है। कई बार कंपनियां नेटवर्क अपग्रेड या मेंटेनेंस के दौरान सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर देती हैं। बिजली कटने, फाइबर ऑप्टिक केबल को नुकसान पहुंचने या अचानक बहुत ज्यादा ट्रैफिक आने से भी नेटवर्क आउटेज हो सकता है। इस घटना के बाद ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना एयरटेल के लिए बड़ी चुनौती होगी। लगातार बढ़ते डेटा उपयोग और डिजिटल सेवाओं की निर्भरता ने अब टेलीकॉम कंपनियों पर और अधिक दबाव डाल दिया है कि वे अपने नेटवर्क को मजबूत और स्थिर रखें।

ग्राहकों पर असर

सोमवार के आउटेज का असर सिर्फ मनोरंजन या सामान्य कॉलिंग तक सीमित नहीं रहा। कई छात्रों की ऑनलाइन क्लास बाधित हुई, ऑफिस मीटिंग्स अटक गईं और छोटे व्यवसायों को भी झटका लगा। खासकर उन इलाकों में, जहां एयरटेल ही प्रमुख नेटवर्क प्रदाता है, वहां ग्राहकों के पास कोई और विकल्प मौजूद नहीं था। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जब हर छोटी से बड़ी सुविधा इंटरनेट पर निर्भर है, किसी भी नेटवर्क का अचानक ठप हो जाना लोगों के लिए असुविधा और नुकसान दोनों का कारण बनता है।

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