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राजस्थान में SIR-2026 के पहले चरण के बाद 16 दिसंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची

राजस्थान में SIR-2026 के पहले चरण के बाद 16 दिसंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची

शोभना शर्मा।  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन 2026 (SIR-2026) के पहले चरण, जिसे गणना चरण कहा गया, का सफलतापूर्वक समापन कर लिया गया है। इस चरण के पूरा होने के बाद राज्य में 16 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची जारी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया आगामी चुनावों को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीईओ और डीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी सूची

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची सीईओ राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ राज्य के सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, राजस्थान के 41 जिला निर्वाचन अधिकारी 199 विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन के बाद गठित 61,136 मतदान केंद्रों की प्रारूप मतदाता सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की आपत्ति या सुझाव समय रहते सामने आ सकें।

राजनीतिक दलों को दी जाएगी पूर्व सूचना

नवीन महाजन ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से संबंधित पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, उन्हें पुनर्गठन के बाद बने नए मतदान केंद्रों की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजनीतिक दल अपने बूथ लेवल एजेंट्स के माध्यम से मतदाता सूची की जांच कर सकें और योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने या त्रुटियों को सुधारने में सहयोग कर सकें।

ASD सूची भी होगी सार्वजनिक

प्रारूप मतदाता सूची के साथ ही ASD यानी एब्सेंटी, शिफ्टेड, डेड और ऑलरेडी एनरोल्ड मतदाताओं की सूची भी सीईओ राजस्थान और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर एक्सेसिबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता सूची में अनावश्यक या अपात्र नामों की पहचान करना आसान होगा और सुधार की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

नए मतदान केंद्रों पर BLO और सुपरवाइजर की तैनाती

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नवगठित मतदान केंद्रों पर तुरंत बूथ लेवल ऑफिसर और सुपरवाइजर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इससे मतदाता सूची से संबंधित कार्यों, जैसे नाम जोड़ने, संशोधन करने और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सकेगी।

मतदाताओं से नाम जांचने और जुड़वाने की अपील

नवीन महाजन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से अपील की है कि वे मतदाताओं को प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचने के लिए प्रेरित करें। जिन नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। यह प्रक्रिया लोकतंत्र में प्रत्येक योग्य नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

युवा मतदाताओं को अग्रिम पंजीकरण का अवसर

उन्होंने बताया कि जो युवा मतदाता 1 अप्रैल 2026, 1 जुलाई 2026 और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करेंगे, उन्हें अग्रिम रूप से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को समय पर मताधिकार मिल सकेगा।

नाम हटाने से पहले सुनवाई अनिवार्य

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि SIR दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम प्रारूप सूची से हटाने से पहले संबंधित निर्वाचन नामांकन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचन नामांकन पदाधिकारी को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा। सुनवाई के बाद ही लिखित आदेश जारी किए जाएंगे। ऐसे मामलों में जिला कलेक्टर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील का प्रावधान भी रखा गया है।

“हर गाँव, हर वार्ड, हर घर” अभियान का योगदान

नवीन महाजन ने बताया कि हर गाँव, हर वार्ड और हर घर तक पहुंचकर प्रत्येक योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के इस अभियान में सीईओ राजस्थान, सभी 41 जिलों के डीईओ, 199 ईआरओ, 52,222 मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ, लाखों स्वयंसेवकों और राजनीतिक दलों द्वारा नामित एक लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट्स ने जिम्मेदारीपूर्वक योगदान दिया है। यह सामूहिक प्रयास लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल है।

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