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अजमेर में गाय की मौत के बाद बवाल, पड़ोसियों में मारपीट और थाने में तनाव

अजमेर में गाय की मौत के बाद बवाल, पड़ोसियों में मारपीट और थाने में तनाव

अजमेर शहर के बापूनगर इलाके में एक गाय की मौत के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। यह घटना बुधवार देर रात की है, जब पड़ोसियों के बीच कहासुनी ने देखते ही देखते मारपीट और तोड़फोड़ का रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मामला थाने तक पहुंच गया और वहां भी दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाकर हालात को काबू में करना पड़ा।

घटना की शुरुआत तब हुई जब बापूनगर निवासी कपिल बजाड़ की गाय की मौत हो गई। मृत गाय को घर के बाहर रखा गया था, जिसे लेकर पड़ोसी वीरेंद्र शर्मा ने आपत्ति जताई और उसे वहां से हटाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गंभीर आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया। कपिल बजाड़ ने वीरेंद्र शर्मा और उनके परिवार पर गाय को जहर देकर मारने का आरोप लगा दिया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

आरोप लगने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ी और कपिल बजाड़ अपने कुछ साथियों के साथ वीरेंद्र शर्मा के घर में घुस गया। आरोप है कि उन्होंने घर के अंदर घुसकर मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। इस दौरान वीरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी अमिता शर्मा, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, घायल हो गए। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए।

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अनिल देव कल्ला ने पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचकर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोनों पक्षों को समझाने के बाद उन्हें थाने बुलाया गया, लेकिन वहां भी तनाव कम नहीं हुआ। जैसे ही गाय को जहर देने की बात फैलती गई, विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों की भीड़ थाने पहुंचने लगी।

थाने में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारी और गौरक्षक बड़ी संख्या में पहुंच गए। उनके साथ ही कांग्रेस नेता सौरभ बजाड़ भी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे। दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने से स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। थाने परिसर में बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिससे माहौल गरमा गया।

इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा और अन्य वकील भी थाने पहुंचे। वकीलों की मौजूदगी में मामले को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी रही। बताया गया कि कांग्रेस नेता सौरभ बजाड़ और गौरक्षक आदित्य जैन के बीच भी थाने में तीखी नोकझोंक हुई, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका बन गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर शांति बनाए रखने की अपील की। इसके अलावा शहर के अन्य थानों से भी पुलिस बल को बुलाया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस की सख्ती और समझाइश के बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही मवेशी बांधने और वाहन पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। यह पुराना विवाद ही गाय की मौत के बाद अचानक भड़क उठा और हिंसक रूप ले बैठा। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से परस्पर शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री किशन गुर्जर ने भी घटना के बाद बयान देते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर लोग थाने पहुंचे थे, लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट हो गई। उन्होंने सभी पक्षों से शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।

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