मनीषा शर्मा। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी धांधलियों पर सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 (SI Bharti Exam 2021) को रद्द कर दिया। इसके बाद जांच एजेंसी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अपनी गतिविधियों को और तेज कर दिया है। अब SOG केवल एसआई भर्ती तक सीमित नहीं रहकर जेईएन भर्ती (JEN Bharti) और लेक्चरर भर्ती जैसे मामलों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।
115 आरोपी अब भी फरार
एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि एसआई भर्ती घोटाले में अब भी 115 आरोपी फरार चल रहे हैं। इनमें से 27 ऐसे लोग हैं जिनकी संलिप्तता जांच में पूरी तरह से साबित हो चुकी है। वहीं 88 आरोपी ऐसे हैं, जिन पर जांच अभी भी जारी है और उन्हें संदिग्ध मानकर आगे की कार्यवाही की जा रही है।
एडीजी सिंह के अनुसार, इन फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए SOG लगातार एटीएस (ATS) की मदद से काम कर रही है। आरोपियों पर कानूनी दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे ज्यादा समय तक छिपे न रह सकें।
सुरेश ढाका पर शिकंजा
एसओजी ने इस मामले में पेपर लीक गैंग के प्रमुख आरोपी सुरेश ढाका के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। वीके सिंह ने बताया कि सुरेश ढाका के खिलाफ आईपीसी की धारा 174ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह धारा उस अपराध से जुड़ी है जिसमें कोई व्यक्ति जानबूझकर न्यायालय के आदेश या सम्मन की अवहेलना करता है।
एडीजी ने साफ कहा कि “सुरेश ढाका और उसके जैसे अपराधी कब तक भागेंगे? उन पर कानूनी दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें कानून का खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। अब लंबे समय तक ये लोग फरार नहीं रह सकते।”
जेईएन भर्ती और अन्य परीक्षाओं की जांच तेज
एसआई भर्ती घोटाले के बाद अब SOG का फोकस अन्य लंबित मामलों पर है। एडीजी वीके सिंह ने बताया कि अगला बड़ा केस जेईएन भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। इसके अलावा लेक्चरर भर्ती समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि “हमने गड़बड़ियों से जुड़े मामलों पर काम करना शुरू कर दिया है। जेईएन भर्ती और लेक्चरर भर्ती पर भी जांच जारी है। बहुत जल्द इनके नतीजे सबके सामने होंगे।”
हाईकोर्ट का फैसला और छात्रों की उम्मीदें
एसआई भर्ती रद्द होने के फैसले को लेकर एडीजी वीके सिंह ने अपनी व्यक्तिगत राय भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी को निराश करने वाला नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “जिन छात्रों ने ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा पास की थी, उन्हें फिलहाल निराशा हो सकती है। लेकिन लंबे समय में यह फैसला मेरिट को मजबूती देगा। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले लोग छट जाएंगे और योग्य छात्र सही स्थान प्राप्त करेंगे।”
सिंह ने आगे कहा कि भर्ती रद्द होने के बाद भी उम्मीदवारों के हित सुरक्षित रहेंगे। जिन लोगों ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर एसआई भर्ती में हिस्सा लिया था, उनकी नौकरी बहाल रहेगी।
मेरिटोरियस उम्मीदवारों को मौका
एडीजी ने कहा कि भर्ती रद्द होने से मेरिट वाले छात्रों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ही बड़ी संख्या में गड़बड़ी की गई थी। लेकिन अब सही उम्मीदवारों को मौका मिलेगा और वे आगे चलकर पुलिस सेवा में वरिष्ठ पदों पर पहुंचेंगे।
अपराधियों पर कड़ा प्रहार
एसओजी का रुख साफ है कि किसी भी आरोपी को बचने नहीं दिया जाएगा। फरार आरोपियों पर कानूनी शिकंजा लगातार कसा जा रहा है। आरोपियों को ढूंढने के लिए तकनीकी मदद और राज्य की अन्य एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है।