शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति एक बार फिर परिवारवाद और फर्जीवाड़े के आरोपों से गरमाई हुई है। ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत के परिवार पर गंभीर आरोप लगे हैं। पहले जहां उनकी बेटी पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने के आरोप सामने आए थे, वहीं अब उनकी बहू पर भी ऐसा ही गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि विधायक के बड़े पुत्र गोपाल सिंह की पत्नी सुनीता ने केवल कागजों में खुद को तलाकशुदा दिखाकर परित्यक्ता कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर ली।
बहू पर फर्जी तलाक का आरोप
शिकायतकर्ता फणीश सोनी का कहना है कि गोपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता आज भी साथ रह रहे हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। इसके बावजूद, कागजों में दोनों को तलाकशुदा दिखाया गया। 23 नवंबर 2005 को तैयार कराए गए दस्तावेजों के आधार पर सुनीता को परित्यक्ता कोटे में नौकरी दिलाई गई। यही नहीं, नौकरी मिलने के बाद उनके लिए आगे की पढ़ाई भी करवाई गई। सुनीता ने पहले STC की डिग्री हासिल की और फिर स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सब विधायक के रसूख और दबाव में संभव हुआ।
स्कूल में नहीं जाती नियमित
मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि सुनीता देवी जिस स्कूल में कार्यरत हैं, वहां नियमित उपस्थिति नहीं देतीं। बताया जाता है कि वह रतना भोपा का बाड़िया स्कूल में तैनात हैं। स्कूल स्टाफ का कहना है कि वह तीन-चार महीने में सिर्फ एक बार स्कूल आती हैं और रजिस्टर में एक साथ हस्ताक्षर करके चली जाती हैं। यह न केवल नौकरी पाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाता है बल्कि नौकरी करने की नीयत पर भी संदेह खड़ा करता है।
परिवार ने साधी चुप्पी
इस मामले पर विधायक शंकर सिंह रावत और उनके परिवार ने अब तक चुप्पी साध रखी है। जब मीडिया ने विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, उनके पुत्र गोपाल सिंह से जब सवाल पूछा गया, तो उन्होंने आवाज ना आने का बहाना बनाकर फोन काट दिया। इसके बाद उनका फोन ही स्विच ऑफ हो गया। इससे आरोप और भी गंभीर प्रतीत होने लगे हैं।
पार्टी आलाकमान तक पहुंचा मामला
फणीश सोनी ने इस पूरे मामले की शिकायत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तक पहुंचा दी है। उनका कहना है कि यह सिर्फ नौकरी का मामला नहीं बल्कि विधायक की नैतिकता और ईमानदारी पर सवाल है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी को सजा दिलाने की बात नहीं कर रहे, बल्कि सच्चाई सबके सामने रखना चाहते हैं।
विधायक परिवार पर बढ़ा दबाव
पहले बेटी और अब बहू के नाम फर्जीवाड़े से जुड़े आरोप सामने आने के बाद विधायक शंकर सिंह रावत और उनके परिवार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। विपक्ष पहले ही भाजपा विधायकों और नेताओं पर परिवारवाद व भ्रष्टाचार के आरोप लगाता रहा है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक रूप से भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।


