शोभना शर्मा। उदयपुर जिले में मावली स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को मृत्युदंड की सजा दी है। यह मामला वल्लभनगर थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी किशनलाल ने अपनी पत्नी लक्ष्मी को काले रंग के कारण प्रताड़ित करते हुए एसिड डालकर जलाकर मार डाला था। लोक अभियोजक दिनेश पालीवाल ने बताया कि यह घटना अत्यंत जघन्य अपराध की श्रेणी में आती है। आरोपी लगातार अपनी पत्नी को काला और मोटा कहकर ताने देता था। अंततः उसने क्रूरता की हद पार करते हुए उसे एसिड से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
गोरे होने की दवाई के बहाने रचा षड्यंत्र
मामले की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पति अपनी पत्नी को हमेशा उसके रंग और रूप-रंग को लेकर नीचा दिखाता था। आए दिन वह झगड़ा करता और अपमानित करता था। एक दिन आरोपी ने पत्नी से कहा कि वह उसे गोरा बनाने की दवाई लाया है। विश्वास में आई पत्नी ने वह द्रव शरीर पर लगा लिया। लेकिन यह कोई दवाई नहीं, बल्कि एसिड था, जिसकी गंध भी पत्नी ने महसूस की थी। इसके बावजूद उसने पति पर भरोसा किया। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे मौत की आग में झोंक दिया।
जलती रही पत्नी, पति डालता रहा एसिड
हत्या की भयावह घटना का खुलासा सुनवाई के दौरान हुआ। कोर्ट में बताया गया कि जब पत्नी ने पूरे शरीर पर द्रव लगा लिया, तो आरोपी ने अगरबत्ती जलाई और पत्नी के पेट पर सुलगा दी। देखते ही देखते उसका शरीर आग की लपटों में घिर गया। हद तो तब हो गई जब पत्नी जल रही थी और जान बचाने की गुहार लगा रही थी, उस वक्त भी आरोपी रुका नहीं। उसने बोतल में बचे एसिड को भी जलती हुई पत्नी के शरीर पर उड़ेल दिया। इस निर्मम यातना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
कोर्ट का सख्त रुख : समाज में भय जरूरी
सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे कोर्ट ने आरोपी किशनलाल को दोषी करार दिया और मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसले के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के अपराध समाज में बढ़ते जा रहे हैं। यदि ऐसे मामलों में कठोर सजा नहीं दी जाएगी, तो समाज में अपराधियों का भय समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि “समाज में न्यायपालिका का भय बना रहना चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरह की क्रूरता करने की हिम्मत न कर सके। ऐसे मामलों में नरमी दिखाना अन्य निर्दोष महिलाओं के लिए खतरा बन सकता है।”
मृतका के परिवार को मिला न्याय
यह मामला समाज के लिए नजीर पेश करने वाला है। मृतका लक्ष्मी के परिवार ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। परिवार ने कहा कि हालांकि उनकी बेटी अब लौटकर नहीं आ सकती, लेकिन सजा से यह संदेश जरूर जाएगा कि महिलाओं के साथ इस तरह की अमानवीय घटना करने वाले अपराधी बच नहीं सकते।
वल्लभनगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि यह मामला वल्लभनगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबे समय तक चली सुनवाई और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सबसे कठोर सजा सुनाई।
महिला सुरक्षा पर बड़ा संदेश
यह फैसला महिला सुरक्षा के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में समय-समय पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस तरह के जघन्य अपराध पर मृत्युदंड जैसी सजा से निश्चित तौर पर समाज में एक सख्त संदेश जाएगा।