शोभना शर्मा । लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने राष्ट्रगीत के महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने आजादी के वीरों के भीतर देशभक्ति का अतुलनीय जोश पैदा किया, और सभी धर्मों के लोगों ने इस भावना के साथ स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया।
लेकिन बेनीवाल ने साथ ही चर्चा की टाइमिंग पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से भी उठाया गया प्रतीत होता है।
गोवा नाइट क्लब आग हादसा: 27 मौतों का मामला दोबारा उठा
चर्चा के दौरान बेनीवाल ने गोवा के अरपोरा नाइट क्लब आग हादसे का मुद्दा सामने रखा, जिसमें 27 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही के कारण आरोपी देश से बाहर जाने में सफल रहे। यह व्यवस्था और जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
“IndiGo फ्लाइट से थाईलैंड भाग गए आरोपी”
सांसद बेनीवाल ने दावा किया कि हादसे के जिम्मेदार क्लब मालिक सौरव और गौरव लूथरा बिना किसी रोक-टोक के इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट से थाईलैंड निकल गए। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इतने बड़े हादसे के बाद भी आरोपियों को एयरपोर्ट पर रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई थी।
बेनीवाल के अनुसार इमिग्रेशन अलर्ट, पासपोर्ट ब्लॉकिंग और हवाईअड्डा निगरानी जैसे कदम समय पर लागू किए ही नहीं गए, जिसके कारण आरोपी विदेश जाने में सफल रहे।
सदन में बेनीवाल के सवाल से सरकार घिरी
बेनीवाल ने खड़े होकर सरकार से सीधा प्रश्न किया कि यदि 27 मौतों के जिम्मेदार लोग आराम से देश छोड़कर जा सकते हैं तो सरकार न्याय प्रणाली और सुरक्षा को लेकर जनता को क्या भरोसा दे रही है।
बेनीवाल ने कहा कि एक तरफ संसद में राष्ट्रगीत पर चर्चा चल रही है और दूसरी तरफ सरकार की नाक के नीचे से अपराधी विदेश भाग जाते हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद को कम करती है।
विपक्ष ने लिया मुद्दा, पीड़ित परिवारों में नाराजगी
बेनीवाल द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद विपक्ष के कई सांसदों ने भी सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। गोवा आग हादसे में मृतकों के परिजन पहले ही कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं, और अब आरोपियों के देश छोड़ने की खबर से असंतोष और बढ़ गया है।


