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“एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम -मातृत्व और पर्यावरण संरक्षण का संगम

“एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम -मातृत्व और पर्यावरण संरक्षण का संगम

शोभना शर्मा, अजमेर । राजकीय महिला अभियंत्रिकी महाविद्यालय, अजमेर में दिनांक 2 अगस्त 2025 (शनिवार) को “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम का अत्यंत भावनात्मक, प्रेरक और सामाजिक दृष्टिकोण से सशक्त आयोजन संपन्न हुआ। इस आयोजन ने मातृत्व, पर्यावरण-संरक्षण और छात्रा-सशक्तिकरण के क्षेत्रों में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक  अनीता भदेल और उनकी माताजी रुक्मणि देवी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण के साथ हुई, जहाँ विधायक महोदया और उनकी माताजी ने छात्राओं के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।

छात्राओं ने अपनी माताओं के नाम पर पौधे रोपित किए, जिससे यह कार्यक्रम केवल पर्यावरणीय चेतना का मंच न होकर मातृत्व के प्रति श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया। छात्राओं के चेहरों पर भावुकता और गर्व की झलक देखी गई, जिसने इस आयोजन को अत्यंत विशेष बना दिया। विधायक अनीता भदेल ने अपने उद्बोधन में कहा, “इस संस्थान से मेरा गहरा भावनात्मक संबंध रहा है। जब बेटियाँ अपनी माँ के नाम पर पौधे लगाती हैं, तो वह केवल धरती को हरित नहीं बनातीं, बल्कि अपने भीतर संस्कार और संवेदनशीलता के बीज भी बोती हैं।” उन्होंने कहा कि यह पहल छात्राओं के मन में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और मातृत्व के प्रति श्रद्धा को सशक्त करती है।

छात्राओं की मांग पर उन्होंने महाविद्यालय परिसर में “ओपन जिम” की स्थापना और “फ्लड लाइट” लगाने की घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने कहा, “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इसीलिए छात्राओं को न केवल शैक्षणिक, बल्कि शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाना हमारा दायित्व है।” कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अजमेर विकास प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता  राजेन्द्र कुड़ी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सामाजिक रूप से संवेदनशील गतिविधियाँ तकनीकी संस्थानों को मानवीय दृष्टिकोण से समृद्ध करती हैं और छात्राओं को समाज से भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. प्रकृति त्रिवेदी ने अपने वक्तव्य में कहा, “‘एक पेड़ माँ के नाम’ हमारे संस्थान की गौरवशाली परंपरा बन चुकी है। यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय दायित्व का बोध कराता है, बल्कि छात्राओं को मातृत्व और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक भी करता है।” उन्होंने विधायक अनीता भदेल द्वारा छात्रा हित में की गई घोषणाओं के लिए विशेष आभार भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम की सफलता में एनएसएस इकाई की विशेष भूमिका रही। समन्वयक डॉ. अमरजीत पूनिया ने कहा, “‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक जनांदोलन है, जिसमें मातृत्व, पर्यावरण और छात्रा-सशक्तिकरण की त्रिवेणी बहती है।” उन्होंने कार्यक्रम की सफलतापूर्वक रूपरेखा बनाने और उसे साकार करने में जुटी छात्रा स्वयंसेविकाओं — हर्षिता शेखावत, हर्षिता टाक, कृतिका, निष्ठा, समीरा, श्रेओन, डिम्पल और दिवांशी सेन — की निष्ठा की प्रशंसा की।

महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्य एवं एनएसएस इकाई के सक्रिय सदस्य अरविंद शर्मा ने कहा, “यह आयोजन छात्राओं के भीतर मूल्यबोध, प्रकृति प्रेम और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता की भावना को मजबूत करता है। यह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना की जीवंत मिसाल है।” मंच संचालन देवांशी पराशर और साक्षी ढाका ने अत्यंत भावपूर्ण और सशक्त शैली में किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और प्रभावशीलता और भी बढ़ गई।

प्राचार्या प्रो. त्रिवेदी ने यह भी बताया कि महाविद्यालय परिसर स्थित मंदिर में “सहस्त्रधारा” कार्यक्रम का भी श्रद्धापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकगण, छात्राएँ और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से भाग लिया। इस आध्यात्मिक आयोजन ने पूरे कार्यक्रम को एक भावनात्मक और सांस्कृतिक गहराई प्रदान की। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है, जिसमें मातृ-सम्मान, प्रकृति संरक्षण और छात्रा-कल्याण का एक सुंदर संतुलन देखने को मिला।

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