राजस्थान में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और यातायात नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक व्यापक राज्यव्यापी नाकाबंदी अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों, रेंज और पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए हजारों वाहनों की जांच की गई तथा बड़ी संख्या में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए। अभियान के परिणामों ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि राजस्थान पुलिस अपराधियों, असामाजिक तत्वों और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के प्रति सख्त रुख अपनाए हुए है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर संचालित इस विशेष अभियान की निगरानी पुलिस मुख्यालय स्तर से की गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वीके सिंह ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेशभर में एक ही दिन में 1103 नाकाबंदी पॉइंट स्थापित किए गए। इन नाकाबंदी स्थलों पर पुलिस अधिकारियों और जवानों की विशेष टीमें तैनात की गईं, जिन्होंने वाहनों की गहन जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी।
अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 39,984 दोपहिया वाहनों और 34,888 चारपहिया वाहनों की जांच की गई। इस प्रकार एक ही दिन में 74 हजार से अधिक वाहनों की जांच कर पुलिस ने व्यापक स्तर पर निगरानी और सत्यापन की कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच के दौरान पुलिस ने न केवल यातायात नियमों की पालना पर ध्यान केंद्रित किया बल्कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी पर भी विशेष जोर दिया।
नाकाबंदी अभियान के दौरान कुल 226 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें विभिन्न मामलों में वांछित अपराधियों के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान अपराधियों में भय पैदा करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ती है।
यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 15,083 चालान बनाए गए, जो यह दर्शाते हैं कि बड़ी संख्या में वाहन चालक अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। चालानों में सबसे अधिक संख्या बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की रही। इसके अलावा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने, मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग करने, नियमों के अनुरूप नंबर प्लेट नहीं लगाने तथा वाहनों में अवैध रूप से काली फिल्म लगाने जैसे मामलों में भी कार्रवाई की गई।
विशेष चिंता का विषय शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालक रहे। पुलिस ने ऐसे 385 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। ऐसे में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अभियान के दौरान केवल यातायात नियमों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी प्रभावी अभियान चलाया गया। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार, शराब, मादक पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद की। कुल 73 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट तथा अन्य विशेष और स्थानीय कानूनों से जुड़े मामले शामिल हैं। इन मामलों में 63 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 170 के तहत 163 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संभावित तत्वों पर नियंत्रण रखने के लिए की गई।
प्रदेश के विभिन्न रेंज क्षेत्रों में भी अभियान के दौरान उल्लेखनीय सफलता मिली। जयपुर रेंज में पुलिस ने पांच वाहनों को जब्त करने के साथ लगभग 25.50 लाख रुपये की नकदी बरामद की। भरतपुर रेंज में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर जब्त किए गए, वहीं बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी पकड़ी गई। कोटा रेंज में अवैध शराब, डोडा चूरा तथा अन्य सामग्री जब्त की गई। बीकानेर रेंज में भी अवैध शराब और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न रेंजों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। चालान बनाने के मामले में जयपुर रेंज प्रदेश में सबसे आगे रही, जहां सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर रेंज का स्थान रहा। वहीं जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में भी यातायात नियमों के उल्लंघन पर बड़ी संख्या में चालान बनाए गए।
वाहन जांच के मामले में भी जयपुर रेंज ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां हजारों वाहनों की जांच की गई। उदयपुर, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर रेंज में भी बड़े पैमाने पर वाहन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित की जा सके।
राजस्थान पुलिस का यह राज्यव्यापी नाकाबंदी अभियान कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अभियान के परिणामों से यह स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अपराधियों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और आने वाले समय में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रह सकते हैं।


