राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। भीषण गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन अचानक सक्रिय हुए मौसम तंत्रों ने राज्य के कई हिस्सों में नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बादलों की आवाजाही, तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सटीक साबित हुई और सोमवार दोपहर बाद अजमेर, नागौर सहित कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले गिरने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई तथा लोगों को गर्मी से राहत मिली।
अजमेर जिले में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। सुबह तक तेज धूप और उमस महसूस की जा रही थी, लेकिन दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दरगाह बाजार क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 से 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश के साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक हुई इस बारिश ने जहां गर्मी से राहत पहुंचाई, वहीं सड़कों पर जलभराव और यातायात की गति भी प्रभावित हुई। मौसम के इस बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली और वातावरण पूरी तरह से सुहाना हो गया।
वहीं नागौर जिले में भी मौसम का रुख अचानक बदल गया। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में तेज अंधड़ और बारिश का दौर देखने को मिला। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी खबरें सामने आईं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूट गईं और जनजीवन प्रभावित हुआ। किसानों के लिए यह स्थिति मिश्रित रही, क्योंकि जहां कुछ फसलों को बारिश से लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में मौसम के इस अचानक परिवर्तन के पीछे दो सक्रिय मौसम तंत्र जिम्मेदार हैं। वर्तमान में एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर सक्रिय है, जबकि दूसरा दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों पर प्रभावी बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बनने की प्रक्रिया तेज हुई है। यही कारण है कि बीकानेर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के अनेक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन सक्रिय प्रणालियों के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसके अलावा तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रभाव काफी कम हो गया है। पिछले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है।
मौसम विभाग ने आगामी कुछ घंटों और अगले कुछ दिनों के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने राज्य के 25 जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है उनमें नागौर, करौली, कोटपुतली-बहरोड़, भीलवाड़ा, टोंक, ब्यावर, दौसा, बीकानेर, फलोदी, जोधपुर, डीडवाना-कुचामन, चूरू, सीकर, जयपुर, अजमेर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, भरतपुर, डीग और सवाई माधोपुर शामिल हैं। इन जिलों में तेज आंधी, मेघगर्जन, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
इस बीच मौसम विभाग ने 3 जून से राज्य में एक और बड़े मौसम परिवर्तन की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका प्रभाव 3 और 4 जून से राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के अनेक जिलों में फिर से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम का यही उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लगातार सक्रिय हो रहे मौसम तंत्रों के कारण तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। ऐसे में राजस्थान के लोगों को आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं परेशानी का कारण बन सकती हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।


