भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने लोगों के पैसे भेजने और प्राप्त करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। आज शहरों से लेकर गांवों तक करोड़ों लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए UPI आधारित ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म्स ने कैशलेस ट्रांजैक्शन को बेहद आसान बना दिया है। हालांकि अधिकांश लोग यह मानते हैं कि UPI का उपयोग केवल इंटरनेट उपलब्ध होने पर ही किया जा सकता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। भारत में ऐसी सुविधा भी मौजूद है जिसके जरिए बिना मोबाइल डेटा या Wi-Fi के भी UPI भुगतान किया जा सकता है।
इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या आज भी देश के कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है। कई बार यात्रा के दौरान नेटवर्क कमजोर हो जाता है या मोबाइल डेटा खत्म हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में डिजिटल भुगतान करना मुश्किल लग सकता है। लेकिन भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक विशेष सुविधा विकसित की है, जिसके माध्यम से इंटरनेट के बिना भी UPI सेवाओं का उपयोग संभव है। यह सेवा *99# के नाम से जानी जाती है और इसे खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो सीमित इंटरनेट सुविधाओं वाले क्षेत्रों में रहते हैं या फीचर फोन का उपयोग करते हैं।
यह सेवा यूएसएसडी (USSD) तकनीक पर आधारित है, जो मोबाइल नेटवर्क के जरिए काम करती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती। केवल मोबाइल नेटवर्क सक्रिय होना चाहिए ताकि फोन कॉल और एसएमएस सेवाएं काम कर सकें। यही वजह है कि यह सुविधा फीचर फोन और स्मार्टफोन दोनों पर समान रूप से काम करती है।
हालांकि इस सेवा का उपयोग करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। सबसे पहले उपयोगकर्ता का मोबाइल नंबर उसके बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा उसी नंबर पर UPI सेवा सक्रिय होना भी जरूरी है। यदि मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक नहीं है या UPI पंजीकरण पूरा नहीं किया गया है, तो यह सुविधा काम नहीं करेगी। साथ ही फोन में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होना चाहिए ताकि यूएसएसडी सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सके।
जब ये सभी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं, तब उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन के डायलर में जाकर *99# डायल कर सकता है। यह सेवा भारत के अधिकांश प्रमुख बैंकों द्वारा समर्थित है और देशभर में लाखों ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। कोड डायल करने के बाद स्क्रीन पर विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का एक मेन्यू दिखाई देता है, जिसमें पैसे भेजने, पैसे मांगने, बैलेंस जांचने और प्रोफाइल से संबंधित विकल्प उपलब्ध होते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को पैसे भेजने हैं, तो उसे ‘Send Money’ विकल्प का चयन करना होता है। इसके बाद सिस्टम उपयोगकर्ता से ट्रांसफर का तरीका चुनने के लिए कहता है। यहां विभिन्न विकल्प उपलब्ध होते हैं, जिनमें मोबाइल नंबर, UPI आईडी या बैंक खाता एवं IFSC कोड के माध्यम से भुगतान करना शामिल है। उपयोगकर्ता अपनी सुविधा और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनमें से किसी भी विकल्प का चयन कर सकता है।
अगले चरण में प्राप्तकर्ता की जानकारी दर्ज करनी होती है। यदि मोबाइल नंबर के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है तो संबंधित नंबर दर्ज किया जाता है। यदि UPI आईडी का उपयोग किया जा रहा है तो प्राप्तकर्ता की UPI आईडी दर्ज करनी होती है। इसी प्रकार बैंक खाते के माध्यम से भुगतान के लिए खाता संख्या और IFSC कोड की आवश्यकता होती है। इसके बाद उपयोगकर्ता को वह राशि दर्ज करनी होती है जिसे वह ट्रांसफर करना चाहता है।
कुछ बैंक इस प्रक्रिया के दौरान लेनदेन के साथ एक छोटा संदेश या टिप्पणी जोड़ने की सुविधा भी प्रदान करते हैं। हालांकि यह विकल्प अनिवार्य नहीं होता। भुगतान की राशि और प्राप्तकर्ता की जानकारी दर्ज करने के बाद उपयोगकर्ता को सभी विवरणों की दोबारा जांच करनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की गलती से बचा जा सके।
लेनदेन के अंतिम चरण में उपयोगकर्ता को अपना UPI PIN दर्ज करना होता है। यह वही सुरक्षा पिन होता है जिसका उपयोग सामान्य UPI ट्रांजैक्शन के दौरान किया जाता है। PIN सत्यापित होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी हो जाती है और सफल ट्रांजैक्शन की पुष्टि स्क्रीन पर दिखाई देती है। साथ ही उपयोगकर्ता को एसएमएस के माध्यम से भी लेनदेन की सूचना प्राप्त हो जाती है।
इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पैसे भेजने तक सीमित नहीं है। उपयोगकर्ता इसके माध्यम से अपने बैंक खाते का बैलेंस भी जांच सकते हैं और कई अन्य बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन लोगों को काफी सुविधा मिलती है जो इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से जूझते हैं या जिनके पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है।
हालांकि उपयोगकर्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। कुछ टेलीकॉम कंपनियां *99# सेवा के उपयोग पर मामूली शुल्क ले सकती हैं। इसलिए लेनदेन शुरू करने से पहले संबंधित सेवा शुल्क की जानकारी प्राप्त करना उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा यह सुविधा केवल उसी मोबाइल नंबर पर काम करती है जो बैंक खाते के साथ पंजीकृत हो। यदि कोई अन्य नंबर इस्तेमाल किया जाता है तो सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
इस सेवा को अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों और भाषाई पृष्ठभूमि वाले लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं। यह पहल डिजिटल भुगतान को देश के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।
भारत सरकार और NPCI लगातार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयास कर रहे हैं। *99# सेवा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण नवाचार है, जिसने इंटरनेट पर निर्भरता को कम करते हुए डिजिटल लेनदेन को और अधिक समावेशी बनाया है। ऐसे समय में जब देश तेजी से कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है जो सीमित संसाधनों के बावजूद डिजिटल बैंकिंग का लाभ उठाना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, यदि आपके पास इंटरनेट उपलब्ध नहीं है या नेटवर्क की वजह से UPI ऐप्स काम नहीं कर रहे हैं, तब भी डिजिटल भुगतान पूरी तरह संभव है। *99# सेवा की मदद से आप सुरक्षित, सरल और विश्वसनीय तरीके से पैसे भेज सकते हैं, बैलेंस जांच सकते हैं और बुनियादी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यही कारण है कि यह सुविधा भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।


